ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर बढ़ रहा है. इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का कंट्रोल अब अमेरिका के पास रहेगा और उसे सेफ रखने के लिए उन्हें टोल मिलना चाहिए. फॉक्स न्यूज़ के साथ एक टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका होर्मुज को गार्ड करेगा और इसके लिए उसे चार्ज दिया जाना चाहिए. ट्रंप का कहना है कि वो होर्मुज़ को अपने कब्ज़े में ले लेंगे और शायद अमेरिका ही उसकी कमान संभालेगा. होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. ये फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. दुनियाभर का करीब 5वां हिस्सा तेल और LNG की सप्लाई होर्मुज से होकर गुज़रती है. अगर ईरान-अमेरिका के बीच इस मार्ग को लेकर तनाव बरकरार रहता है तो इससे ग्लोबल ऑयल मार्केट में भारी उछाल आ सकता है.
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ईरान ने क्या कहा?
होर्मुज पर कंट्रोल करने वाली ट्रंप की टिप्पणी को ईरान ने तुरंत नकार दिया. IRGC ने चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे जो हो जाए, वो अमेरिका को इसमें दखल नहीं देने देंगे. ईरान की ओर से कहा गया कि उनकी परमिशन के बिना अगर अमेरिकी सेना वहां से गुजरने की भी कोशिश करती है तो इसका खामियाज़ा उसे भुगतना पड़ेगा. IRGC ने ये भी कहा कि अगर कोई भी अमेरिका का इस मामले में साथ देता है तो इसे ईरान के खिलाफ जंग माना जाएगा. ईरान ने कहा कि अगर युद्ध छिड़ता है तो इसकी ज़िम्मेदारी अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की होगी.
अमेरिका ने लागू की नौसेनिक नाकाबंदी
होर्मुज पर कब्जे वाले ट्रंप के बयान के कुछ घंटों बाद ही अमेरिका ने सोमवार को ऐलान किया वो फिर से नौसेनिक नाकेबंदी लागू कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका होर्मुज से गुज़रने वाले कार्गो से 20 प्रतिशत शुल्क लेगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि होर्मुज पूरी तरह खुला है. इस बार ट्रंप ने नाकेबंदी को 'ईरानी ब्लॉकेड' नाम दिया है क्योंकि ये सिर्फ ईरान के जहाज़ों को आने-जाने से रोकेगी. ट्रंप ने कहा कि बाकी सभी देश इसका इस्तेमाल आराम से कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि अब अमेरिका को गार्जियन ऑफ होर्मुज स्ट्रेट' कहा जाएगा.
ये भी पढ़ें: ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद बढ़ा तनाव, सिरिक और बंदर अब्बास में धमाके; होर्मुज में जहाजों पर चलीं गोलियां
ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर बढ़ रहा है. इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का कंट्रोल अब अमेरिका के पास रहेगा और उसे सेफ रखने के लिए उन्हें टोल मिलना चाहिए. फॉक्स न्यूज़ के साथ एक टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका होर्मुज को गार्ड करेगा और इसके लिए उसे चार्ज दिया जाना चाहिए. ट्रंप का कहना है कि वो होर्मुज़ को अपने कब्ज़े में ले लेंगे और शायद अमेरिका ही उसकी कमान संभालेगा. होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. ये फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. दुनियाभर का करीब 5वां हिस्सा तेल और LNG की सप्लाई होर्मुज से होकर गुज़रती है. अगर ईरान-अमेरिका के बीच इस मार्ग को लेकर तनाव बरकरार रहता है तो इससे ग्लोबल ऑयल मार्केट में भारी उछाल आ सकता है.
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ईरान ने क्या कहा?
होर्मुज पर कंट्रोल करने वाली ट्रंप की टिप्पणी को ईरान ने तुरंत नकार दिया. IRGC ने चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे जो हो जाए, वो अमेरिका को इसमें दखल नहीं देने देंगे. ईरान की ओर से कहा गया कि उनकी परमिशन के बिना अगर अमेरिकी सेना वहां से गुजरने की भी कोशिश करती है तो इसका खामियाज़ा उसे भुगतना पड़ेगा. IRGC ने ये भी कहा कि अगर कोई भी अमेरिका का इस मामले में साथ देता है तो इसे ईरान के खिलाफ जंग माना जाएगा. ईरान ने कहा कि अगर युद्ध छिड़ता है तो इसकी ज़िम्मेदारी अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की होगी.
अमेरिका ने लागू की नौसेनिक नाकाबंदी
होर्मुज पर कब्जे वाले ट्रंप के बयान के कुछ घंटों बाद ही अमेरिका ने सोमवार को ऐलान किया वो फिर से नौसेनिक नाकेबंदी लागू कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका होर्मुज से गुज़रने वाले कार्गो से 20 प्रतिशत शुल्क लेगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि होर्मुज पूरी तरह खुला है. इस बार ट्रंप ने नाकेबंदी को ‘ईरानी ब्लॉकेड’ नाम दिया है क्योंकि ये सिर्फ ईरान के जहाज़ों को आने-जाने से रोकेगी. ट्रंप ने कहा कि बाकी सभी देश इसका इस्तेमाल आराम से कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि अब अमेरिका को गार्जियन ऑफ होर्मुज स्ट्रेट’ कहा जाएगा.
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