NASA के लिए अंतरिक्ष की यात्रा करने वालों में अब एक और भारतीय का नाम शामिल होने जा रहा है. वो नाम है अनिल मेनन का, जो पेशे से एक डॉक्टर और इंजीनियर भी. अनिल मेनन NASA के मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए अपनी पहली अंतरिक्ष उड़ान भरने वाले हैं. वो मंगलवार यानी 14 जुलाई को रूस के सोयुज MS-29 स्पेसक्राफ्ट से ISS के लिए स्पेस ट्रैवल शुरू करने जा रहे हैं. NASA ने प्रेस रिलीज़ जारी करते हुए ये जानकारी दी है कि अनिल मेनन कजाकिस्तान के बैकानूर कॉस्मोड्रोम से वहां के स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 10:47 बजे उड़ान भरेंगे. इस स्पेस यात्रा में उनके साथी होंगे प्योत्र डबरोव और अन्ना किकिना. ISS पर मौजूद ये टीम करीब आठ महीने स्पेस में ट्रैवल करेगी और अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटेगी.
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अनिल मेनन कौन हैं?
भारतीय और यूक्रेनी मूल के माता-पिता के बेटे अनिल मेनन को 2021 में NASA ने बतौर स्पेस ट्रैवलर चुना था. वो एक डॉक्टर, मैकेनिकल इंजीनियर और एयरोस्पेस मेडिसिन में एक्सपर्ट हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि वो अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल भी हैं. एक अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुने जाने से पहले उन्होंने फ्लाइट सर्जन का भी रोल निभाया और स्पेस X जैसी बड़ी कंपनियों के लिए भी काम किया है. अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में जन्मे अनिल मेनन के रूट्स केरल से जुड़े हैं. करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने अमेरिकी एयरफोर्स के लिए काम किया और अफगानिस्तान में भी मुस्तैद रहे. उन्होंने हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन के साथ जुड़कर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वालों की भी मदद की.
मेनन की पत्नी भी हैं स्पेस ट्रैवलर
स्पेस में यात्रा करने वाले अनिल मेनन अपने परिवार में अकेले नहीं हैं, बल्कि उनकी पत्नी एना भी एक जानी-मानी अंतरिक्ष यात्री हैं, इसीलिए इन्हें कम्पलीट एस्ट्रोनॉट फैमिली भी कहा जाता है. आपको बता दें कि एना अपने पति से पहले ही स्पेस की यात्रा कर चुकी हैं. उन्होंने सितंबर 2024 में 'पोलारिस डॉन' मिशन के दौरान ट्रैवल किया. ये वही मिशन है जिसने दुनिया की पहली प्राइवेट स्पेसवॉक का रिकॉर्ड कायम किया था. इस वक्त वो नासा में ही अपनी ट्रेनिंग कर रही हैं. अनिल और एना के दो बच्चे हैं और उनका परिवार बेहद खुशहाल है.
क्यों खास है NASA का ISS मिशन?
NASA का मिशन ISS बेहद खास माना जा रहा है. इस दौरान अनिल मेनन और उनकी टीम आठ महीने स्पेस में रहकर कई एड्वांस्ड प्रयोग करेंगे, जो आगे आने वाले बड़े मिशनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे. उनके रिसर्च वर्क में सेमीकंडक्टर क्रिस्टल का प्रोडक्शन, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और AI गैजेट्स जैसे कई अहम पहलू शामिल हैं. साथ ही, मेनन ये भी स्टडी करेंगे कि स्पेस में रहने के लिए ह्युमन बॉडी खुद को कैसे ढालती है.
ये भी पढ़ें: ये है अंतरिक्ष का वो ग्रह जहां होती है हीरों की बारिश, पृथ्वी पर आ जाए सारा खजाना तो कितने लोग हो जाएंगे अमीर?
NASA के लिए अंतरिक्ष की यात्रा करने वालों में अब एक और भारतीय का नाम शामिल होने जा रहा है. वो नाम है अनिल मेनन का, जो पेशे से एक डॉक्टर और इंजीनियर भी. अनिल मेनन NASA के मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए अपनी पहली अंतरिक्ष उड़ान भरने वाले हैं. वो मंगलवार यानी 14 जुलाई को रूस के सोयुज MS-29 स्पेसक्राफ्ट से ISS के लिए स्पेस ट्रैवल शुरू करने जा रहे हैं. NASA ने प्रेस रिलीज़ जारी करते हुए ये जानकारी दी है कि अनिल मेनन कजाकिस्तान के बैकानूर कॉस्मोड्रोम से वहां के स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 10:47 बजे उड़ान भरेंगे. इस स्पेस यात्रा में उनके साथी होंगे प्योत्र डबरोव और अन्ना किकिना. ISS पर मौजूद ये टीम करीब आठ महीने स्पेस में ट्रैवल करेगी और अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटेगी.
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अनिल मेनन कौन हैं?
भारतीय और यूक्रेनी मूल के माता-पिता के बेटे अनिल मेनन को 2021 में NASA ने बतौर स्पेस ट्रैवलर चुना था. वो एक डॉक्टर, मैकेनिकल इंजीनियर और एयरोस्पेस मेडिसिन में एक्सपर्ट हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि वो अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल भी हैं. एक अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुने जाने से पहले उन्होंने फ्लाइट सर्जन का भी रोल निभाया और स्पेस X जैसी बड़ी कंपनियों के लिए भी काम किया है. अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में जन्मे अनिल मेनन के रूट्स केरल से जुड़े हैं. करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने अमेरिकी एयरफोर्स के लिए काम किया और अफगानिस्तान में भी मुस्तैद रहे. उन्होंने हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन के साथ जुड़कर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वालों की भी मदद की.
मेनन की पत्नी भी हैं स्पेस ट्रैवलर
स्पेस में यात्रा करने वाले अनिल मेनन अपने परिवार में अकेले नहीं हैं, बल्कि उनकी पत्नी एना भी एक जानी-मानी अंतरिक्ष यात्री हैं, इसीलिए इन्हें कम्पलीट एस्ट्रोनॉट फैमिली भी कहा जाता है. आपको बता दें कि एना अपने पति से पहले ही स्पेस की यात्रा कर चुकी हैं. उन्होंने सितंबर 2024 में ‘पोलारिस डॉन’ मिशन के दौरान ट्रैवल किया. ये वही मिशन है जिसने दुनिया की पहली प्राइवेट स्पेसवॉक का रिकॉर्ड कायम किया था. इस वक्त वो नासा में ही अपनी ट्रेनिंग कर रही हैं. अनिल और एना के दो बच्चे हैं और उनका परिवार बेहद खुशहाल है.
क्यों खास है NASA का ISS मिशन?
NASA का मिशन ISS बेहद खास माना जा रहा है. इस दौरान अनिल मेनन और उनकी टीम आठ महीने स्पेस में रहकर कई एड्वांस्ड प्रयोग करेंगे, जो आगे आने वाले बड़े मिशनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे. उनके रिसर्च वर्क में सेमीकंडक्टर क्रिस्टल का प्रोडक्शन, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और AI गैजेट्स जैसे कई अहम पहलू शामिल हैं. साथ ही, मेनन ये भी स्टडी करेंगे कि स्पेस में रहने के लिए ह्युमन बॉडी खुद को कैसे ढालती है.
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