अमेरिका के हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर से ठीक पहले हुई फायरिंग की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. ट्रंप अपनी पत्नी और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ डिनर के लिए पहुंचे थे कि तभी उनपर गोलियां बरसने लगीं. गनीमत ये रही कि उनकी सिक्योरिटी ने तुरंत उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाल दिया. ये पहली बार नहीं था, जब राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा में सेंध लग हो. लेकिन ट्रंप का सुरक्षा घेरा इतना मजबूत है कि अब तक कोई भी उनका बाल बांका नहीं कर पाया है.
ये भी पढ़ें: ट्रंप की डिनर पार्टी में हमला करने वाला कौन और हॉल तक कैसे पहुंचा, कहां हुई सुरक्षा में चूक? 5 पॉइंट में अपडेट
कितना मजबूत है ट्रंप का सुरक्षा घेरा?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा दुनिया की सबसे हाई-टेक और सख्त व्यवस्थाओं में गिनी जाती है. उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी United States Secret Service के पास होती है, जो 24 घंटे उनकी निगरानी करती है. राष्ट्रपति रहते हुए ही नहीं, बल्कि पद छोड़ने के बाद भी ट्रंप को आजीवन सुरक्षा मिलेगी. ट्रंप की सुरक्षा कई लेयर में होती है. सबसे बाहरी घेरा लोकल पुलिस और एजेंसियों का होता है, जबकि अंदरूनी घेरे में सीक्रेट सर्विस के प्रशिक्षित एजेंट्स तैनात रहते हैं. हर पब्लिक प्रोग्राम कार्यक्रम से पहले जगह की बारीकी से जांच की जाती है. ट्रंप के किसी भी विदेशी दौरे से लगभग 90 दिन पहले तैयारी शुरू हो जाती है. होटल, रूट और मीटिंग पॉइंट्स का चुनाव पूरी तरह सीक्रेट सर्विस करती है. एक से ज्यादा रूट तैयार किए जाते हैं और हर मूवमेंट को टॉप सीक्रेट रखा जाता है.
ट्रंप की हाई-टेक सुरक्षा
ट्रंप जिस लिमोजीन कार में चलते हैं, उसे The Beast कहा जाता है. ये कार पूरी तरह बुलेटप्रूफ होती है और इसमें केमिकल अटैक से बचाव, ऑक्सीजन सप्लाई और इमरजेंसी मेडिकल सिस्टम तक मौजूद रहता है. ये कार बहुत हाई टेक्नोलॉजी वाली होती है. इसके ड्राइवर इतने काबिल होते हैं कि इसे इमरजेंसी के वक्त 180 डिग्री पर मोड़ सकते हैं. साथ ही ये नाइट विजन तकनीक, ग्रेनेड लॉन्चर जैसे तकनीक से लैस होती है. इसके अलावा, ट्रंप के काफिले में कई गाड़ियां, स्नाइपर्स, ड्रोन निगरानी और एयर सपोर्ट भी शामिल होता है. इतनी टाइट सिक्योरिटी होने के बावजूद भी कई बार राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा में सेंध के मामले सामने आए.
ये भी पढ़ें: ट्रंप की डिनर पार्टी में कैसे मची दहशत? 2600 लोगों ने छिपकर बचाई जान, देखें होटल में फायरिंग के वीडियो
कब-कब लगी ट्रंप की सुरक्षा में सेंध?
- 2016 में चुनाव प्रचार के दौरान रैली में एक व्यक्ति ने पुलिस की बंदूक छीनने की कोशिश की थी. उसका मकसद ट्रंप पर हमला करना बताया गया था. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया.
- व्हाइट हाउस में कई बार संदिग्ध लोग घुसने की कोशिश कर चुके हैं. ट्रंप के कार्यकाल के दौरान भी कुछ लोग बैरिकेड पार करने की कोशिश में पकड़े गए थे.
- 2020 के दौरान ट्रंप को कई बार संदिग्ध पार्सल और धमकी भरे संदेश मिले. सीक्रेट सर्विस ने इन्हें समय रहते रोक लिया और जांच की.
- 2024 के चुनावी माहौल में ट्रंप की रैलियों में संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए सुरक्षा और कड़ी कर दी गई थी. कई जगहों पर अतिरिक्त एजेंट्स, बुलेटप्रूफ ग्लास और कड़ी स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई.
- फरवरी 2026 में ट्रंप की सुरक्षा के सेंध मामले में एक 21 साल के एक शख्स को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने गोली मारकर ढेर कर दिया. जानकारी के मुताबिक, ये व्यक्ति ट्रंप के पाम बीच रिजॉर्ट मार-ए-लागो एस्टेट में घुसने की कोशिश कर रहा था और अपने साथ एक शॉटगन और फ्यूल कैन लेकर आया था. हमेशा की तरह ट्रंप की सुरक्षा में तैनात जवानों ने कोई भी अनोहनी होने से पहले ही हालात पर काबू पा लिया.
अमेरिका के हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर से ठीक पहले हुई फायरिंग की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. ट्रंप अपनी पत्नी और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ डिनर के लिए पहुंचे थे कि तभी उनपर गोलियां बरसने लगीं. गनीमत ये रही कि उनकी सिक्योरिटी ने तुरंत उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाल दिया. ये पहली बार नहीं था, जब राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा में सेंध लग हो. लेकिन ट्रंप का सुरक्षा घेरा इतना मजबूत है कि अब तक कोई भी उनका बाल बांका नहीं कर पाया है.
ये भी पढ़ें: ट्रंप की डिनर पार्टी में हमला करने वाला कौन और हॉल तक कैसे पहुंचा, कहां हुई सुरक्षा में चूक? 5 पॉइंट में अपडेट
कितना मजबूत है ट्रंप का सुरक्षा घेरा?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा दुनिया की सबसे हाई-टेक और सख्त व्यवस्थाओं में गिनी जाती है. उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी United States Secret Service के पास होती है, जो 24 घंटे उनकी निगरानी करती है. राष्ट्रपति रहते हुए ही नहीं, बल्कि पद छोड़ने के बाद भी ट्रंप को आजीवन सुरक्षा मिलेगी. ट्रंप की सुरक्षा कई लेयर में होती है. सबसे बाहरी घेरा लोकल पुलिस और एजेंसियों का होता है, जबकि अंदरूनी घेरे में सीक्रेट सर्विस के प्रशिक्षित एजेंट्स तैनात रहते हैं. हर पब्लिक प्रोग्राम कार्यक्रम से पहले जगह की बारीकी से जांच की जाती है. ट्रंप के किसी भी विदेशी दौरे से लगभग 90 दिन पहले तैयारी शुरू हो जाती है. होटल, रूट और मीटिंग पॉइंट्स का चुनाव पूरी तरह सीक्रेट सर्विस करती है. एक से ज्यादा रूट तैयार किए जाते हैं और हर मूवमेंट को टॉप सीक्रेट रखा जाता है.
ट्रंप की हाई-टेक सुरक्षा
ट्रंप जिस लिमोजीन कार में चलते हैं, उसे The Beast कहा जाता है. ये कार पूरी तरह बुलेटप्रूफ होती है और इसमें केमिकल अटैक से बचाव, ऑक्सीजन सप्लाई और इमरजेंसी मेडिकल सिस्टम तक मौजूद रहता है. ये कार बहुत हाई टेक्नोलॉजी वाली होती है. इसके ड्राइवर इतने काबिल होते हैं कि इसे इमरजेंसी के वक्त 180 डिग्री पर मोड़ सकते हैं. साथ ही ये नाइट विजन तकनीक, ग्रेनेड लॉन्चर जैसे तकनीक से लैस होती है. इसके अलावा, ट्रंप के काफिले में कई गाड़ियां, स्नाइपर्स, ड्रोन निगरानी और एयर सपोर्ट भी शामिल होता है. इतनी टाइट सिक्योरिटी होने के बावजूद भी कई बार राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा में सेंध के मामले सामने आए.
ये भी पढ़ें: ट्रंप की डिनर पार्टी में कैसे मची दहशत? 2600 लोगों ने छिपकर बचाई जान, देखें होटल में फायरिंग के वीडियो
कब-कब लगी ट्रंप की सुरक्षा में सेंध?
- 2016 में चुनाव प्रचार के दौरान रैली में एक व्यक्ति ने पुलिस की बंदूक छीनने की कोशिश की थी. उसका मकसद ट्रंप पर हमला करना बताया गया था. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया.
- व्हाइट हाउस में कई बार संदिग्ध लोग घुसने की कोशिश कर चुके हैं. ट्रंप के कार्यकाल के दौरान भी कुछ लोग बैरिकेड पार करने की कोशिश में पकड़े गए थे.
- 2020 के दौरान ट्रंप को कई बार संदिग्ध पार्सल और धमकी भरे संदेश मिले. सीक्रेट सर्विस ने इन्हें समय रहते रोक लिया और जांच की.
- 2024 के चुनावी माहौल में ट्रंप की रैलियों में संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए सुरक्षा और कड़ी कर दी गई थी. कई जगहों पर अतिरिक्त एजेंट्स, बुलेटप्रूफ ग्लास और कड़ी स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई.
- फरवरी 2026 में ट्रंप की सुरक्षा के सेंध मामले में एक 21 साल के एक शख्स को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने गोली मारकर ढेर कर दिया. जानकारी के मुताबिक, ये व्यक्ति ट्रंप के पाम बीच रिजॉर्ट मार-ए-लागो एस्टेट में घुसने की कोशिश कर रहा था और अपने साथ एक शॉटगन और फ्यूल कैन लेकर आया था. हमेशा की तरह ट्रंप की सुरक्षा में तैनात जवानों ने कोई भी अनोहनी होने से पहले ही हालात पर काबू पा लिया.