पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के बीच अमेरिका द्वारा किए गए ताजा हवाई हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इन हमलों के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई है, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों पर मंदी का साया मंडराने लगा है। दूसरी ओर, कूटनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में देखे जाने वाले सोने की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में 1% की तेजी, खाड़ी से सप्लाई ठप होने का डर
अमेरिकी हवाई हमलों का सबसे सीधा और त्वरित असर अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट पर देखने को मिला है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें करीब 1 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि यह भू-राजनीतिक तनाव इसी तरह जारी रहा, तो खाड़ी देशों (Gulf Region) से होने वाला तेल निर्यात पूरी तरह से ठप हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में भारी कमी आएगी, जिससे आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं।
LPG संकट के बीच IRCTC का बड़ा फैसला, इंडक्शन चूल्हों पर पकेगा यात्रियों का भोजन
वैश्विक शेयर बाजारों में कोहराम, गिरावट के साथ खुलने के संकेत
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस अचानक तेजी ने दुनिया भर के निवेशकों को सतर्क और चिंतित कर दिया है। इसका असर एशियाई बाजारों पर साफ देखा जा रहा है। तेल संकट और महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते जापान, हॉन्गकॉन्ग, सिंगापुर और भारत (भारतीय शेयर बाजार) जैसे प्रमुख शेयर बाजारों के भारी गिरावट (लाल निशान) के साथ खुलने की पूरी आशंका बनी हुई है। निवेशक इस समय जोखिम लेने से बच रहे हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।
सोना लगातार तीसरे दिन फिसला, संघर्षविराम की स्थिरता पर सवाल
आमतौर पर युद्ध या तनाव की स्थिति में सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में बाजार का रुख अलग नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है और आज लगातार तीसरे दिन भी सोने के दाम गिरते हुए दिखाई दिए हैं। हालिया झड़पों ने क्षेत्र में चल रहे संघर्षविराम (Ceasefire) की स्थिरता को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, इस कूटनीतिक अनिश्चितता के बीच सोने की पारंपरिक मांग में कमी आई है, जिसके चलते कीमती धातुओं के दाम दबाव में हैं।
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के बीच अमेरिका द्वारा किए गए ताजा हवाई हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इन हमलों के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई है, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों पर मंदी का साया मंडराने लगा है। दूसरी ओर, कूटनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में देखे जाने वाले सोने की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
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वैश्विक शेयर बाजारों में कोहराम, गिरावट के साथ खुलने के संकेत
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस अचानक तेजी ने दुनिया भर के निवेशकों को सतर्क और चिंतित कर दिया है। इसका असर एशियाई बाजारों पर साफ देखा जा रहा है। तेल संकट और महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते जापान, हॉन्गकॉन्ग, सिंगापुर और भारत (भारतीय शेयर बाजार) जैसे प्रमुख शेयर बाजारों के भारी गिरावट (लाल निशान) के साथ खुलने की पूरी आशंका बनी हुई है। निवेशक इस समय जोखिम लेने से बच रहे हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।
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आमतौर पर युद्ध या तनाव की स्थिति में सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में बाजार का रुख अलग नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है और आज लगातार तीसरे दिन भी सोने के दाम गिरते हुए दिखाई दिए हैं। हालिया झड़पों ने क्षेत्र में चल रहे संघर्षविराम (Ceasefire) की स्थिरता को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, इस कूटनीतिक अनिश्चितता के बीच सोने की पारंपरिक मांग में कमी आई है, जिसके चलते कीमती धातुओं के दाम दबाव में हैं।