मिडिल ईस्ट की जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ बम फोड़ा है। उन्होंने यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील तोड़ दी है और यूरोपियन कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ टैक्स लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप के इस नए ऐलान से दुनियाभर में उथल पुथल मच गई है। नया ट्रेड वार शुरू होने का खतरा है। क्योंकि टैरिफ लगाने का असर ग्लोबल सप्लाई चेन और ऑटो सेक्टर पर पड़ेगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था और खराब हो जाएगी। पूरी दुनिया एक नाजुक दौर से गुजर रही है।
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‘टर्नबेरी एग्रीमेंट’ के टूटने का खतरा मंडराया
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर यूरोपियन यूनियन से आयात होने वाली कारों और ट्रकों पर अगले हफ्ते से 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। उन्होंने यूरोपियन यूनियन पर व्यापार समझौता का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। हालांकि उन्होंने व्यापार समझौते को लेकर अपनी आपत्तियों का जिक्र नहीं किया, लेकिन टैरिफ लगाने से उस टर्नबेरी एग्रीमेंट के टूटने का खतरा मंडरा गया है, जो जुलाई 2025 में ट्रंप में संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच हुआ था।
15 से ज्याद टैरिफ नहीं लगाने का समझौता
समझौते का नाम ‘टर्नबेरी एग्रीमेंट’ स्कॉटलैंड में बने ट्रंप के गोल्फ कोर्स के नाम पर रखा गया था। इस डील के तहत तय हुआ कि अमेरिका यूरोप की वस्तुओं पर 15% से ज्यादा टैरिफ नहीं लगाएगा, लेकिन अब अचानक 25% टैक्स लगाने का नया ऐलान करके राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते के नियमों का उल्लंघन किया है। अगर टैरिफ लागू हुआ तो कारें और ट्रक महंगे हो जाएंगे। ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित होगी और महंगाई बढ़ेगी।
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ट्रैरिफ लगने से व्यापार समझौते होंगे प्रभावित
आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं और सेवाओं का 1.7 ट्रिलियन यूरो (करीब 2 ट्रिलियन डॉलर) का कारोबार हुआ था, यानी रोजाना करीब 4.6 बिलियन यूरो का कारोबार हो रहा था। द्विपक्षीय समझौते के बाद व्यापार से यूरोपीय वाहन निर्माताओं को 500 से 600 मिलियन यूरो प्रति महीना बचत हो रही थी, लेकिन ट्रंप के नए टैरिफ से इस बचत पर खतरा मंडरा गया है, यानी ट्रंप के टैरिफ का असर अमेरिका और यूरोपियन यूनियन के रिश्तों पर पड़ेगा।
मिडिल ईस्ट की जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ बम फोड़ा है। उन्होंने यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील तोड़ दी है और यूरोपियन कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ टैक्स लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप के इस नए ऐलान से दुनियाभर में उथल पुथल मच गई है। नया ट्रेड वार शुरू होने का खतरा है। क्योंकि टैरिफ लगाने का असर ग्लोबल सप्लाई चेन और ऑटो सेक्टर पर पड़ेगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था और खराब हो जाएगी। पूरी दुनिया एक नाजुक दौर से गुजर रही है।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर यूरोपियन यूनियन से आयात होने वाली कारों और ट्रकों पर अगले हफ्ते से 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। उन्होंने यूरोपियन यूनियन पर व्यापार समझौता का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। हालांकि उन्होंने व्यापार समझौते को लेकर अपनी आपत्तियों का जिक्र नहीं किया, लेकिन टैरिफ लगाने से उस टर्नबेरी एग्रीमेंट के टूटने का खतरा मंडरा गया है, जो जुलाई 2025 में ट्रंप में संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच हुआ था।
15 से ज्याद टैरिफ नहीं लगाने का समझौता
समझौते का नाम ‘टर्नबेरी एग्रीमेंट’ स्कॉटलैंड में बने ट्रंप के गोल्फ कोर्स के नाम पर रखा गया था। इस डील के तहत तय हुआ कि अमेरिका यूरोप की वस्तुओं पर 15% से ज्यादा टैरिफ नहीं लगाएगा, लेकिन अब अचानक 25% टैक्स लगाने का नया ऐलान करके राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते के नियमों का उल्लंघन किया है। अगर टैरिफ लागू हुआ तो कारें और ट्रक महंगे हो जाएंगे। ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित होगी और महंगाई बढ़ेगी।
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