US Tariff: ट्रंप प्रशासन को बड़ी राहत, 10 प्रतिशत टैरिफ को अमेरिकी अदालत की हरी झंडी

US Import Tariff: अमेरिका की फेडरल अपीलीय अदालत ने डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने ट्रम्प के 10 प्रतिशत वैश्विक आयात शुल्क (ग्लोबल टैरिफ) को अवैध बताने वाले निचली अदालत के आदेश पर रोक बढ़ा दी है. इस फैसले के बाद अब ट्रम्प सरकार दूसरे देशों से यह टैक्स वसूलना जारी रख सकेगी.

donald trump
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US Import Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की विवादित आर्थिक नीतियों को अदालत से बड़ी राहत मिली है. अमेरिका की एक अपीलीय अदालत ने ट्रम्प प्रशासन को बड़ा सहारा देते हुए दुनिया भर से आने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत वैश्विक आयात शुल्क वसूलना जारी रखने की अनुमति दे दी है. अदालत ने उस निचली अदालत के फैसले पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया है, जिसने ट्रम्प सरकार के इस टैक्स को ‘अवैध’ घोषित किया था.

क्या है पूरा मामला?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस साल फरवरी में दुनिया के तमाम देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर 10% का अस्थाई ग्लोबल टैरिफ लागू किया था. सरकार ने इसके लिए 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 (Section 122) का सहारा लिया था, जो भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के घाटे को सुधारने के लिए राष्ट्रपति को टैक्स लगाने का अधिकार देती है. हालांकि, मई में अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार अदालत (CIT) ने ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि सरकार ने व्यापार घाटे और भुगतान संतुलन के नियमों को समझने में गलती की है और यह टैक्स पूरी तरह से गैरकानूनी है.

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अपीलीय अदालत के फैसले से ट्रम्प को क्यों मिली राहत?

निचली अदालत के इस झटके के खिलाफ ट्रम्प प्रशासन ने तुरंत फेडरल सर्किट के लिए अमेरिकी अपीलीय अदालत में अपील दायर की. अब अपीलीय अदालत ने निचली अदालत के आदेश पर रोक को तब तक के लिए बढ़ा दिया है जब तक कि इस मामले में दूसरा अंतिम फैसला नहीं आ जाता.

इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि जब तक अदालत में कानूनी लड़ाई चल रही है, तब तक ट्रम्प सरकार विदेशी सामानों पर 10% टैक्स वसूलती रहेगी. यह टैरिफ आगामी 24 जुलाई तक वैध है, और अगर तब तक अदालत का कोई अंतिम फैसला नहीं आता, तो ट्रम्प प्रशासन बिना किसी रुकावट के अपनी समयसीमा पूरी कर लेगा.

भारत सहित दुनिया भर पर असर

ट्रम्प के इस फैसले का असर भारत, चीन, यूरोपीय संघ और जापान सहित दुनिया के कई बड़े व्यापारिक भागीदारों पर पड़ रहा है. यदि यह टैक्स जारी रहता है, तो अमेरिका में आयात होने वाले इन देशों के उत्पाद महंगे बने रहेंगे. इस बीच अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) पहले से ही भारत और चीन सहित 16 देशों के खिलाफ व्यापारिक जांच कर रहे हैं, ताकि जुलाई में इस कानून की अवधि खत्म होने के बाद ‘धारा 301’ के तहत नए और कड़े टैरिफ लगाए जा सकें.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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