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US ने कबूली भारतीय क्रू वाले तीसरे जहाज पर अटैक की बात, दागी थीं 2 हेलफायर मिसाइलें; भारत ने जताया कड़ा विरोध

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को "गंभीर रूप से चिंताजनक" बताते हुए अमेरिकी कार्रवाई पर तीखी आपत्ति जताई है.

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अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया है कि उसने ईरान की नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर पर दो हेलफायर मिसाइलें दागी हैं. इस जहाज पर भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. इस हफ्ते ओमान के तट के पास भारतीय नाविकों वाले कमर्शियल जहाज पर अमेरिकी हमले की यह लगातार तीसरी घटना है, जिसने नई दिल्ली के गलियारों में कूटनीतिक हलचल तेज कर दी है.

अमेरिकी सेना की सफाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट जारी कर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है. अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी जलवीर के खिलाफ की गई. यह जहाज ओमान की खाड़ी के रास्ते ईरान से तेल ले जाने का प्रयास कर रहा था. अमेरिकी विमानों ने जहाज को रुकने के निर्देश दिए थे. जब चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का बार-बार उल्लंघन किया, तो एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने सीधे जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाते हुए दो हेलफायर मिसाइलें दाग दीं.

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ईरान की न्यूज एजेंसी मेहर के मुताबिक, इस हमले के बाद जहाज पर सवार चालक दल के 20 सदस्यों में से 5 को पास से गुजर रहे अन्य जहाजों ने रेस्क्यू कर ओमान पहुंचाया है.

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13 अप्रैल से जारी है अमेरिकी नाकाबंदी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 13 अप्रैल से ईरान के खिलाफ सख्त समुद्री नाकाबंदी लागू की गई है. इस दौरान अमेरिकी सेना अब तक निर्देशों का पालन न करने वाले 9 जहाजों को निष्क्रिय कर चुकी है. अमेरिकी कप्तानों के आदेशों को मानने वाले 135 जहाजों का रास्ता डाइवर्ट कर चुकी है. केवल मानवीय सहायता ले जा रहे 42 जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई है.

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भारत का सख्त रुख

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को “गंभीर रूप से चिंताजनक” बताते हुए अमेरिकी कार्रवाई पर तीखी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया में भारतीय क्रू मेंबर्स से जुड़ी कई दुखद घटनाएं हुई हैं. कल ही हमने ओमान तट के पास एक अन्य जहाज पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी, जिसमें दुर्भाग्य से तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई. हमने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए दिल्ली में अमेरिकी राजदूत को तलब किया था. हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका हमारे इस आधिकारिक विरोध पर उचित और तुरंत ध्यान देगा.’

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एक ही हफ्ते में भारतीय क्रू वाले 3 जहाजों पर हमला

ओमान और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास का इलाका भारतीय मर्चेंट नेवी के जवानों के लिए जंग का मैदान बनता जा रहा है. इस हफ्ते तीन बड़े हादसों ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पहला हमला सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एमटी मारिवेक्स नाम के जहाज पर हमला हुआ, जिससे उसमें भीषण आग लग गई. इस जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे. दूसरा हमला बुधवार को पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर सेटेबेलो पर अमेरिकी नौसेना ने घात लगाकर हमला किया. इस हमले के बाद से 3 भारतीय क्रू मेंबर्स अभी भी लापता हैं. तीसरा हमला गुरुवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने खुद एमटी जलवीर के इंजन रूम को हेलफायर मिसाइल से उड़ाने की बात कबूल की है.

First published on: Jun 11, 2026 07:44 PM

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