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ईरान से समझौते पर ट्रंप का बड़ा दावा, तेहरान ने दावे को बताया अटकलें, जानें क्या कहते हैं दोनों ‘दुश्मन’ देश?

US Iran Deal Update: अमेरिका और ईरान के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव फैला है। बावजूद इसके दोनों देश समझौता नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि दोनों अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं। राष्ट्रपति ट्रंप हर बार दावा करते हैं और ईरान हार बार उनके दावे को खारिज कर देता है। एक बार फिर ऐसा हुआ है, आइए जानते हैं कि दोनों देश अब क्या कह रहे हैं...

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमला करने के फैसले से फिर यू-टर्न ले लिया है। बीते दिन ईरान ताबड़तोड़ हमले करने के बाद ट्रंप ने कहा कि अब वे ईरान पर हमला नहीं करेंगे। क्योंकि ईरान के साथ शानदार शांति समझौता फाइनल हो गया है। बस समझौते के कागजों पर हस्ताक्षर होने बाकी हैं और हस्ताक्षर की प्रक्रिया शायद यूरोप में निभाया जाए। जब तेल की कीमतें गिरती हैं तो अब अस्त-व्यस्त हो जाता है। सबसे अहम बात यह है कि हम एक ऐसा समझौता करने जा रहे हैं, जिसके तहत ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। समझौता करने का मकसद ही ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही उसे लागू कर दिया जाएगा।

ईरान ने ट्रंप के दावे को अटकलें बताया

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, IRNA न्यूज एजेंसी के जरिए ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित परमाणु समझौते पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। ईरान अपनी ‘रेड लाइन्स’ (अहम शर्तों) पार करके कोई समझौता नहीं करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप समझौते के फाइनल फेज में पहुंचने, हस्ताक्षर होने, हस्ताक्षर करने के समय और स्थान के बारे में जो दावे कर रहे हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है। समझौते के मसौदे की कुछ शर्तों पर सहमति बनी है, लेकिन कुछ शर्तों पर ईरान और अमेरिका दोनों अपने रुख पर अड़े हैं तो समझौता आसानी से नहीं होगा।

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ईरान पर हमले रोकने का आदेश दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने का कि उन्होंने ईरान पर सैन्य हमले रोक दिए हैं। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर उन्होंने बताया कि ईरान के टॉप ऑफिशियल्स के साथ समझौते को लेकर बातचीत हुई है और समझौता करने के प्रस्ताव को उन्होंने मंजूरी दे दी है। समझौते की शर्तों पर सहमति तय होते ही इस पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे। इसलिए ईरान पर होने वाले निर्धारित हमलों और बमबारी को रोका जाता है। जैसे ही समझौता फाइनल होगा, होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया जाएगा। फिर होर्मुज के रास्ते तेल व्यापार सामान्य हो जाएगा। ईरान के लिए अमेरिका से समझौता करना ही फायदेमंद रहेगा, नहीं तो अमेरिकी सेना वेनेजुएला की तरह ईरान के तेल पर कब्जा करके व्यापार करेगी।

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First published on: Jun 12, 2026 06:41 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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