भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी प्रॉसिक्यूटर नावी पिल्लई को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के बाद अमेरिकी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. ट्रंप प्रशासन ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) पर कई नए और कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका का मानना है कि ये कोर्ट अब राजनीतिक हो गया है और इसने युद्ध अपराधों के आरोपों में अमेरिका और इजरायल के लोगों पर गलत और गैर-कानूनी तरीके से मुकदमा चलाने की कोशिश की है. इसी वजह से अमेरिका इस कोर्ट को खत्म करने की मुहिम चला रहा है.सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने शुक्रवार को इन प्रतिबंधों की घोषणा की. आपको बता दें कि पिल्लई ICC और बाकी अंतरराष्ट्रीय अदालतों में जज रह चुकी हैं.
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रुबियो ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में मार्को रुबियो ने कहा,”हम इस मनमानी करने वाली अदालत के साथ लेन-देन पर रोक लगाएंगे, उनके संसाधन बंद कर देंगे और हमारे खिलाफ काम करने की उनकी क्षमता को खत्म कर देंगे.” उन्होंने कहा, ”अमेरिका और यहां की जनता इस नकली ICC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं.” इन प्रतिबंधों के तहत, अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में ICC की किसी भी संपत्ति को ब्लॉक कर दिया जाएगा. साथ ही कोर्ट के साथ कारोबार करने वाली अमेरिकी कंपनियों और लोगों को अपना कारोबार समेटने के लिए छह महीने का समय दिया गया है.
ICC को दी चेतावनी
रुबियो ने कहा कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही इस कोर्ट को लेकर गंभीर चिंताएं रखते हैं. इस कोर्ट को युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों पर मुकदमा चलाने के लिए बनाया गया था, जिन पर संबंधित पक्ष कार्रवाई नहीं कर सकते. लेकिन उन्होंने कहा कि सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप ही इस कोर्ट के खिलाफ कदम उठाने को तैयार थे. उन्होंने कहा, ”ICC अपनी धमकियां बंद कर दे या फिर हम उसे ही खत्म कर देंगे.”
ICC ने की निंदा
ICC ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे कानून के शासन और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नींव पर हमला बताया. कोर्ट ने एक बयान में कहा, ”ये न्याय की प्रक्रिया में बाधा डालने और कोर्ट को वो काम करने से रोकने की कोशिश है, जिसके लिए इसे बनाया गया था.” बयान में आगे कहा गया, ”ये कानून के शासन और अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था की नींव पर हमला है, जो उस बुनियादी सिद्धांत पर चोट करता है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है.” ICC की प्रेसिडेंट टोमोको अकाने ने कहा कि कोर्ट गंभीर अपराधों के अनगिनत पीड़ितों के लिए, कानून और सबूतों के आधार पर काम करते हुए, आजादी और निष्पक्षता के साथ अपने काम को पूरी तरह से जारी रखेगा.” उन्होंने दूसरे ICC सदस्यों से भी समर्थन की अपील की.
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