रूस ने यूक्रेन पर दागी मिसाइलें, मलबे में बदला एक स्कूल; 29 की मौत
मंगलवार को दक्षिणी यूक्रेन पर रूस ने ताबतोड़ मिसाइलें दागीं. इस दौरान एक स्कूल में मानवीय मदद के लिए इकट्ठे हुए लोगों पर भी हमला हुआ, जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई.
मंगलवार को यूक्रेन पर रूस ने ताबतोड़ मिसाइलें दागीं.
Credit - : X (@ZelenskyyUa )
रूस और यूक्रेन में लंबे वक्त से जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. मंगलवार को दक्षिणी यूक्रेन पर रूस ने ताबतोड़ मिसाइलें दागीं. इस दौरान एक स्कूल में मानवीय मदद के लिए इकट्ठे हुए लोगों पर भी हमला हुआ, जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई, जबकि 48 लोग अब भी लापता हैं. रात भर हुए हमलों में देश भर के पावर प्लांट्स को निशाना बनाया गया, अस्पतालों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक पोस्ट में बताया कि रूस ने नौ इलाकों में 289 हमलावर ड्रोन, 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 59 क्रूज मिसाइलें दागीं, जिसके कारण आपातकालीन बिजली कटौती करनी पड़ी. उन्होंने ये भी जिक्र किया कि ये हमला अमेरिका में चुनावों के समय हुआ है.
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क्या बोले जेलेंस्की?
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हमले का का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा- ”जापोरिजिया इलाके की कोमिशुवाखा बस्ती पर रूस का बेहद भयानक हमला हुआ है. आज सुबह से ही इस बस्ती पर कई बार हवाई बम गिराए गए हैं. इन हमलों में एक ऐसे स्कूल को निशाना बनाया गया, जहां लोगों को मानवीय मदद दी जा रही थी. पहले हवाई हमले के बाद, नौ और बम गिराए गए. इसमें खास तौर पर उस जगह को निशाना बनाया गया जहां लोग शरण लिए हुए थे. इस हमले में जान गंवाने वाले परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. पांच लोग घायल हुए हैं. घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है और लोगों की तलाश जारी है. ये काम बेहद मुश्किल है. इसमें सैन्य बल, आपातकालीन सेवा कर्मी और विशेष सेवाएं शामिल हैं.”
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An utterly horrific Russian attack on the settlement of Komyshuvakha in the Zaporizhzhia region. Since this morning, the settlement has been hit several times by aerial bombs. The strikes targeted a school used for humanitarian purposes – people were receiving humanitarian aid… pic.twitter.com/T02r0HlNCZ
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) November 2, 2026
‘यूक्रेन को समर्थन चाहिए’
जेलेंस्की ने आगे कहा- ”रूस को ये अच्छी तरह पता रहा होगा कि कोमिशुवाखा में रुके स्थानीय निवासियों को हर हफ्ते इसी जगह पर मानवीय सहायता मिलती है. ये इस बात का एक और सबूत है कि रूस ना तो तनाव कम करना चाहता है और ना ही कोई वास्तविक न्याय चाहता है. ओलेशकी में मानवीय अभियान के बाद, एक ऐसा मौका था जहां आगे उठाए जाने वाले कदम शांति की दिशा में प्रगति का संकेत दे सकते थे. लेकिन इन हत्याओं के जरिए, रूस बिल्कुल उल्टा संदेश दे रहा है. रूस और ज्यादा हत्याओं की योजना बना रहा है. इसका करारा जवाब दिया जाना चाहिए और यूक्रेन के लिए समर्थन मिले.”