TB Eradication Campaign: नई दिल्ली से आए राष्ट्रीय मीडिया के 9 सदस्यीय पत्रकार दल ने उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर जनपद में सरकार द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इसमें पत्रकारों ने क्षय रोग से ग्रसित मरीजों को पहचानने की प्रक्रिया से लेकर इनके स्वस्थ होने तथा इसकी मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को समझने के लिए अलग-अलग केंद्रों का भ्रमण किया और ग्रामीणों, अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की।
क्या है अभियान का उद्देश्य
100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम का हिस्सा है और इस अभियान का उद्देश्य टीबी से होने वाली मौतों को कम करना और नए संक्रमणों को रोकना है। 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान के तहत सिद्धार्थ नगर जनपद में हुए कार्यों की जानकारी जिलाधिकारी डॉ. राजगणपति आर. ने दी। जिलाधिकारी ने बताया कि 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान के तहत सिद्धार्थ नगर जनपद में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है।
स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के आए 2346 मामले
जिलाधिकारी ने बताया कि सिद्धार्थ नगर के आकांक्षी जनपद होने के कारण लोगों को क्षय रोग जांच के लिए प्रेरित करने और जन भागीदारी बढ़ाने पर प्रशासन द्वारा जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग निवारक कार्य बेहतर तरीके से हो, इसके लिए मॉनिटरिंग के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अनुशासन और प्रोत्साहन पर जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत सिद्धार्थ नगर जनपद में 12 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, जो कि कुल जनसंख्या का 30% है। इस स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के 2346 मामले सामने आए हैं। जिलाधिकारी ने आगे बताया कि जनपद में पिछले एक साल के दौरान 216 ग्राम पंचायतों को टीबी रोग से मुक्त घोषित किया गया है।
मीडिया दल ने सिद्धार्थ नगर जनपद के अंतर्गत बर्डपुर ब्लॉक के मधुबेनिया गांव में नि-क्षय वाहन शिविर और आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी भ्रमण किया। इस दौरान पत्रकार दल ने क्षय रोग से पीड़ित मरीज को पहचानने और जांच की प्रक्रिया को देखा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पत्रकार दल को ग्राम प्रधान, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी सेविकाओं की भूमिका से परिचित कराया गया।
टीबी के खिलाफ लड़ाई को तेज करना
100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तत्वावधान में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के व्यापक ढांचे का एक हिस्सा है, जो 2017-2025 के टीबी उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना (NSP) के साथ संरेखित है। एनएसपी टीबी की घटनाओं को कम करने, निदान और उपचार क्षमताओं को बढ़ाने और बीमारी के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को संबोधित करने पर केंद्रित है।
इस अभियान का मकसद टीबी के मामलों की पहचान में सुधार, निदान में देरी को कम करना और विशेष रूप से कमजोर आबादी के लिए उपचार के परिणामों को बढ़ाकर टीबी के खिलाफ लड़ाई को तेज करना है। 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 347 जिलों में फैला यह अभियान टीबी को खत्म करने और टीबी मुक्त राष्ट्र बनाने की भारत की रणनीति का एक महत्वपूर्ण भाग है।