'ज्ञानेश कुमार को माफ नहीं करेगी जनता', ममता बनर्जी का बड़ा हमला, CEC को बताया 'वैनिश कुमार'
Mamata Banerjee On CEC: ममता बनर्जी ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग आम जनता के वोट के अधिकार को छीन रही है, आने वाले वक्त में भी जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी.
ज्ञानेश कुमार पर ममता बनर्जी का निशाना (Photo-PTI)
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Mamata Banerjee Slam Gyanesh Kumar: तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी ने 1 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के एसआईआर प्रॉसेस को लेकर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की आलोचना की और चुनाव आयोग के सदस्यों को मिली कानूनी सुरक्षा पर सवाल उठाए. नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बनर्जी ने कुमार को ‘वैनिश कुमार’ कहा और आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन के कामों की वजह से वोटरों के अधिकार छिन गए हैं. उन्होंने कहा कि वोटिंग का अधिकार छीनने वालों को ‘भारत की जनता माफ नहीं करेगी’. साथ ही, उन्होंने सवाल किया कि संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाने वाले अधिकारियों को इम्युनिटी कैसे मिल सकती है.
VIDEO | Delhi: Former West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee at a press conference says, "…There is a lot of discussion about 'Vanish' Kumar (referring to CEC Gyanesh Kumar), who is currently in charge. We have been fighting for the rights of citizens and to protect their… pic.twitter.com/yWo4ZEytiJ
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने शुरू से ही पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) का विरोध किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया को चुनाव आयोग सीधे तौर पर कंट्रोल कर रहा था. बनर्जी के मुताबिक, TMC ने अदालतों और चुनाव आयोग दोनों का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली. उन्होंने दावा किया कि जब पार्टी के सांसदों का एक डेलिगेशन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मिला, तो उनके साथ भी बुरा बर्ताव किया गया.
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2023 के कानून पर सवाल
TMC नेता ने ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ के प्रावधानों पर भी सवाल उठाए. ये कानून मौजूदा और पूर्व चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए किए गए कामों, कही गई बातों या लिए गए फैसलों के लिए दीवानी और आपराधिक मुकदमों से सुरक्षा देता है. बनर्जी ने कहा कि वो चुनाव अधिकारियों की संवैधानिक भूमिका का सम्मान करती हैं, लेकिन जब फैसलों पर विवाद हो, तो ऐसी सुरक्षा के नतीजों पर सवाल उठाए.
वोटर लिस्ट से नाम हटाने के आरोप
ममता बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाने का असर उन विधानसभा क्षेत्रों पर ज्यादा पड़ा, जहां TMC ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. उन्होंने दावा किया कि जिन इलाकों में उनकी पार्टी जीती थी, वहां वोटर लिस्ट से नाम हटाने की संख्या काफी ज्यादा थी.
TMC प्रमुख ने हजारों EVM जलाने की घटनाओं में BJP की मिलीभगत का भी आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पाबंदियों और कानूनी मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर प्रदर्शन और हंगामा हो रहा है और कहा कि पाबंदियों की वजह से राज्य में राजनीतिक गतिविधियों पर असर पड़ा है.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी से अपील की कि वे अपने बचे हुए विधायकों और सांसदों के साथ कांग्रेस में वापस आ जाएं. उन्होंने कहा कि अगर ममता पार्टी की बंगाल यूनिट को लीड करती हैं, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी. चौधरी ने कांग्रेस आलाकमान से भी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि 6 अक्टूबर 2026 को हुए नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव की तरह ही सहयोग दिखाते हुए, ममता को रेजीनगर में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए.
VIDEO | Murshidabad, West Bengal: "Good to hear that Mamata Banerjee has approved Rahul Gandhi as PM candidate; want all opposition parties to also agree on this", says Congress leader Adhir Ranjan Chowdhury. pic.twitter.com/caJXLIMw3r