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विश्व धरोहर बना सारनाथ, यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज लिस्ट में शामिल, पढ़ें कैसे बना ऐतिहासिक स्थल?

28 साल के लंबे इंतजार के बाद सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर (World Heritage) सूची में शामिल कर लिया गया है. भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली रहे इस ऐतिहासिक स्थल के शामिल होने से भारत के विश्व धरोहर स्थलों की संख्या 45 हो गई है.

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भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली और बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र तीर्थों में शामिल सारनाथ को आखिरकार 28 वर्षों के इंतजार के बाद यूनेस्को की विश्व धरोहर (World Heritage) की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है. बता दें कि इस उपलब्धि के साथ भारत के विश्व धरोहर स्थलों की संख्या बढ़कर 45 हो गई है. वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि इस मान्यता से न केवल सारनाथ की वैश्विक पहचान मजबूत होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी.

बता दें कि दक्षिण कोरिया के बुसान में यूनेस्को की 48वीं वर्ल्ड हेरिटेज समिति की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में सारनाथ को शामिल करने की अंतिम मंजूरी दी गई. अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर इनका चयन कैसे किया जाता है?

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1998 से जारी थे प्रयास

मिली जानकारी के अनुसार, सारनाथ को वर्ष 1998 में यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया गया था. इसके बाद लगातार प्रयास किए जा रहे थे लेकिन तमाम तरह की तकनीकी और दस्तावेजों की कमी के कारण भी इसे वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में जगह नहीं मिल पा रही थी. वहीं, साल 2024 के अंत से इस काम को पूरा करने के लिए नए सिरे से फिर से काम शुरू किया गया था और फिर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं.

यूनेस्को को पहले ही सौंपे जा चुके थे दस्तावेज

सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया के तहत अक्टूबर 2025 में इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (ICOMOS) के विशेषज्ञों ने तीन दिवसीय दौरे पर स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया था. इस दौरान संस्कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे. नामांकन से जुड़े सभी दस्तावेज पहले ही तैयार कर यूनेस्को को सौंपे जा चुके थे. निरीक्षण और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनवरी-फरवरी में ICOMOS ने अपनी रिपोर्ट में सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने की औपचारिक सिफारिश की.

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ICOMOS की सिफारिश के बाद कॉउन्सिल ने रिव्यू किया और फिर रिव्यू रिपोर्ट विश्व धरोहर समिति को विचार के लिए सौंप दी गई. 22 से 25 जुलाई के बीच दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई. सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद 24 जुलाई को समिति ने सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की मंजूरी दे दी. इस फैसले के साथ ही सारनाथ आधिकारिक तौर पर यूनेस्को की World Heritage List का हिस्सा बन गया है.

PM मोदी ने जताई खुशी

वहीं, पीएम मोदी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई. उन्होंने एक्स पर ट्वीट कर लिखा, ‘हर भारतीय के लिए गर्व का पल! इस बात की खुशी है कि उत्तर प्रदेश के सारनाथ को UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है.’

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‘सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा नाता है; ज्ञान, करुणा और सद्भाव का उनका कालातीत संदेश दुनिया को प्रेरित करता है.’

First published on: Jul 26, 2026 01:32 PM

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