समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आज एक पोस्ट लिखकर सियासी गलियारों में नई अटकलों को हवा दे दी है. उन्होंने राज्यसभा चुनाव को लेकर एक ट्वीट लिखा है, जिससे संकेत मिले हैं कि वे राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट में लिखा है कि पार्टी की नजर 3 पर नहीं, 403 पर है. उनकी पोस्ट पढ़कर सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि समाजवादी पार्टी राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार को नहीं उतारेगी, बल्कि फोकस पूरी तरह से विधानसभा चुनाव 2027 पर है. यह बात इसलिए भी कही जा रही है, क्योंकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों को लेकर गतिरोध है तो दोनों दल सभी सीटों पर अकेले-अकेले इंडिपेंडेंट विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं.
3 सीटों के लिए सपा की वोटों का समीकरण
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव है. एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 37 वोट चाहिए और समाजवादी पार्टी के पास 98 वोट हैं और अगर जेल में बंद रमाकांत यादव को वोट देने की परमिशन नहीं मिली तो वोट 97 रह सकते हैं और कांग्रेस के 2 विधायकों के समर्थन से वोट 99 हो सकते हैं. ऐसे में राज्यसभा की 2 सीटें जीतने के लिए 74 वोट सपा के पास हैं. अगर पार्टी तीसरा उम्मीदवार भी चुनावी रण में उतारती है तो 3 सीटों के लिए 111 वोटों की जरूरत होगा. क्योंकि तीसरी सीट के लिए 14 वोट कम हैं, इसलिए हो सकता है कि समाजवादी पार्टी तीसरे उम्मीदवार का ऐलान ही न करे. इस बीच अखिलेश यादव की नई पोस्ट ने गेम पलट दिया और अब लगता है कि राज्यसभा में सपा के 2 ही सांसद जाएंगे.
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा
चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च से पहले अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर शिकायतें आना और आपत्तियां होना कोई नई बात नहीं हैं. चुनाव आयोग के व्यवहार से लगता है कि मानो केवल भाजपा के सदस्य ही भारतीय नागरिक हों. केवल भाजपा सदस्यों को ही वोट देने का अधिकार है. लोग कहते थे कि भाजपा एक ‘चुनाव मशीन’ की तरह काम करती है. वे सिर्फ चुनाव जीतते ही नहीं, बल्कि उनके पास विशाल वित्तीय संसाधन भी हैं. हमने देखा कि बंगाल में बलपूर्वक बूथों पर कब्जा किया गया. सिर्फ बंगाल ही नहीं, भाजपा ने उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही किया था. भाजपा के सत्ता में आने के बाद से चुनाव आयोग उसी के लिए काम कर रहा है और यह बात देश के लोग कतई स्वीकार नहीं करेंगे.
सपा और कांग्रेस में सीट शेयरिंग पर गतिरोध
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी चल रही है और सभी राजनीतिक दल उम्मीदवारों के नामों पर मंथन कर रहे हैं. इस बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर गतिरोध चल रहा है. क्योंकि कांग्रेस ने इस बार अखिलेश यादव ने ज्यादा सीटें मांगी है, जबकि अखिलेश यादव इस बार ज्यादा विधानसभा सीटों पर सपा उम्मीदवारों को उतारना चाहते हैं. इसी गतिरोध के चलते बीते दिनों सपा और कांग्रेस नेताओं में जुबानी जंग भी छिड़ी थी. वहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर फोकस करते हुए कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष पद से अजय राय को हटाकर अराधना मिश्र को अध्यक्ष बना दिया है. इसका मतलब यह है कि कांग्रेस भी इस बार UP में अपने पांव मजबूती से जमाना चाहती है.