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‘ससुर अशोक सिद्धार्थ संन्यास लें तभी आकाश आनंद की BSP में वापसी’, मायावती की दो टूक

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद की वापसी के लिए उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के सामने राजनीति से पूर्ण संन्यास की शर्त रख दी है. मायावती ने साफ किया कि ससुर के हटने के बाद ही आकाश स्वतंत्र रूप से काम कर पाएंगे. आगामी चुनावों से पहले बसपा में इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने हलचल तेज कर दी है.

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में वापसी को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है. यह आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर उनका तीसरा यू-टर्न माना जा रहा है. मायावती ने साफ कर दिया है कि आकाश आनंद को पार्टी में तभी कोई अहम जिम्मेदारी मिलेगी, जब उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेंगे.

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ द्वारा यह शर्त पूरी करने के बाद ही आकाश आनंद पार्टी में बिना किसी दबाव के स्वतंत्र रूप से काम कर सकेंगे. इसके बाद ही पार्टी सहानुभूतिपूर्वक उनकी पुरानी जिम्मेदारियों को बहाल करने पर विचार करेगी.

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ईशान आनंद IN…आकाश आनंद OUT, मायावती ने छोटे भतीजे को क्यों दी BSP में अहम जिम्मेदारी?

मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद को कभी बसपा सुप्रीमो का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा था. हालांकि, साल 2024 के बाद से उनकी जिम्मेदारियों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. उन्हें कई मौकों पर पार्टी में पदोन्नत किया गया और फिर पद से हटाया भी गया. यही स्थिति उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के साथ भी रही है. सिद्धार्थ को साल 2025 में बसपा से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, जिसके बाद उनकी वापसी संभव हो सकी थी. अब एक बार फिर दोनों पर पार्टी नेतृत्व का चाबुक चला है.

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बसपा प्रमुख ने पहले भी आकाश को दी थी नसीहत

बसपा प्रमुख ने अतीत का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने पहले भी आकाश को अपने ससुर के प्रभाव से दूर रहने की नसीहत दी थी. सिद्धार्थ को पार्टी से अगस्त में निष्कासित भी किया गया था. मायावती का आरोप है कि अशोक सिद्धार्थ ने बहुजन मिशन से ऊपर अपने निजी और पारिवारिक हितों को रखा, जिसके चलते खुद उन्हें और उनके दामाद आकाश आनंद दोनों को नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने कहा कि पार्टी ने सिद्धार्थ को सुधरने के कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने मिशन की परवाह नहीं की. मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पास अब भी मौका है कि वे अपने दामाद के भविष्य और पार्टी के हित में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को त्याग दें.

दलित-बहुजन आंदोलन के लिए बेहद अहम

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों का जिक्र करते हुए मायावती ने इन्हें दलित-बहुजन आंदोलन के लिए बेहद अहम बताया. उन्होंने चेताया कि आरक्षण और आंदोलन के सामने आज कई चुनौतियां हैं, इसलिए समाज का कोई भी व्यक्ति निजी स्वार्थ में ऐसा कदम न उठाए जिससे आंदोलन को नुकसान पहुंचे. अब सबकी नजरें अशोक सिद्धार्थ के फैसले पर टिकी हैं.

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First published on: Sep 09, 2026 06:08 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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