ईशान आनंद IN…आकाश आनंद OUT, मायावती ने छोटे भतीजे को क्यों दी BSP में अहम जिम्मेदारी?

बहुजन समाज पार्टी में इन दिनों काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है, पहले मायावती ने अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में बड़े पद से हटाया, अब बीएसपी सुप्रीमो ने छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर हर किसी को चौंका दिया.

Mayawati Ishan Anand

मायावती और ईशान आनंद (Photo-X)

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Why Ishan Anand Elevated In BSP: बहुजन समाज पार्टी की चीफ मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में एक अहम जिम्मेदारी सौंपी है. ये फैसला उनके बड़े भाई आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाने के कुछ ही दिनों बाद लिया गया है. इस कदम से BSP के भविष्य के नेतृत्व और पार्टी के एक अहम चेहरे के तौर पर ईशान के उभरने को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं.



ईशान को BSP में मिली अहम जिम्मेदारी

BSP सूत्रों के मुताबिक पार्टी का ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर 3 सेक्टर में बंटा हुआ है. पहले 2 सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलावा बाकी राज्य आते हैं. अब ईशान को इन 2 सेक्टर का ‘मुख्य सेक्टर प्रभारी’ नियुक्त किया गया है. वो इन राज्यों में BSP की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और अपने पिता आनंद कुमार को रिपोर्ट सौंपेंगे, जो पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. ये जिम्मेदारी पहले आकाश आनंद के पास थी, जो BSP के नेशनल कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर चुके हैं.

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कौन हैं ईशान आनंद?

27 साल के ईशान आनंद, मायावती के छोटे भतीजे और आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं. मायावती ने इस साल की शुरुआत में अपने जन्मदिन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें ज्यादा प्रमुखता से पेश किया था. ईशान का जन्म गौतम बुद्ध नगर में हुआ था और उन्होंने नोएडा के जेनेसिस ग्लोबल स्कूल से पढ़ाई की. बाद में वो हायर स्टडीज के लिए ब्रिटेन चले गए और लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर में LLB प्रोग्राम में दाखिला लिया, हालांकि उन्होंने डिग्री पूरी नहीं की. भारत लौटने के बाद, ईशान नोएडा में अपने परिवार के बिजनेस से जुड़ गए.

बड़ी जिम्मेदारी मिलने की वजह क्या है?

BSP के कार्यक्रमों में ईशान की बढ़ती मौजूदगी ने इन अटकलों को हवा दी है कि मायावती उन्हें Gen Z लीडरशिप के एक वैकल्पिक चेहरे के तौर पर तैयार कर रही हो सकती हैं. वो पार्टी की मीटिंग्स, प्रोग्राम्स और प्रेस कॉन्फ्रेस में ज्यादा नजर आने लगे हैं. पार्टी के अंदरूनी लोगों का मानना ​​है कि उनकी कम उम्र, पढ़ाई-लिखाई और मॉडर्न इमेज बीएसपी को युवा वोटरों से जुड़ने में मदद कर सकती है. हालांकि क्या ईशान आगे चलकर कोई बड़ी राजनीतिक भूमिका निभाएंगे, या मायावती के उत्तराधिकारी बनेंगे, ये बीएसपी लीडरशिप के भविष्य के फैसलों पर निर्भर करेगा. 2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, मायावती की पार्टी 4 चुनाव से सत्ता से बाहर है, ऐसे में देखना होगा कि उनका ये दांव कितना कामयाब होता है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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