Durga Puja 2026 Date: आश्विन माह की प्रतिपदा के साथ ही 11 अक्टूबर को नवरात्रि का आरंभ हो रहा है. नवरात्रि के दौरान बंगाल में दुर्गा पूजा का पर्व मनाया जाता है. यह नवरात्रि के शुरू होने के बाद मनाया जाता है. बंगाल में दुर्गा पूजा का पर्व षष्ठी तिथि से लेकर दशमी तक होता है. यह पांच दिवसीय पर्व है. कोलकाता के सूर्योदय और पंचांग के अनुसार यहां पर दुर्गा पूजा मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, दुर्गा पूजा पर्व की तारीख और दुर्गा विसर्जन के बारे में जानते है.
दुर्गा पूजा 2026 का आरंभ (Durga Puja 2026 Start Date)
दुर्गा पूजा पर्व के लिए षष्ठी तिथि का महत्व होता है. कल्पारंभ और अकाल बोधन के साथ इस पर्व का आरंभ होता है. दुर्गा पूजा के शुरुआत के लिए षष्ठी तिथि का आरंभ सुबह 3 बजकर 25 मिनट पर होगा. इसका समापन 17 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर हो जाएगा. षष्ठी तिथि 16 अक्टूबर को मान्य होगी. इस दिन से बंगाल में दुर्गा पूजा का आरंभ होगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, 17 अक्टूबर को भी षष्ठी तिथि मान्य रहेगी.
दुर्गा पूजा 2026 महासप्तमी
सप्तमी तिथि का आरंभ 17 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर हो जाएगा. इस तिथि का समापन अगले दिन 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट पर होगा. इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ होगी. पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि 18 अक्टूबप को मान्य होगी. इस दिन महासप्तमी मनाई जाएगी. दुर्गा पूजा में इसे नवपत्रिका पूजा के नाम से मनाते हैं.
महाअष्टमी और महानवमी 2026
द्रिक पंचागं के अनुसार, महाअष्टमी का पर्व 19 अक्टूबर और महानवमी का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा. दुर्गा पूजा के लिए इन तारीखों महाअष्टमी और महानवमी है. इसके बाद दुर्गा विसर्जन का पर्व मनाया जाएगा.
कब है दुर्गा विसर्जन? (Durga Visarjan Kab Hai)
उत्तर भारत में अधिकांश स्थानों पर दशहरे का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा. बंगाल में विजयादशमी 21 अक्टूबर को है. इसी दिन दुर्गा विसर्जन किया जाएगा. दुर्गा पूजा के समापन के दिन दुर्गा विसर्जन और सिंदूर खेला होता है. इस पर्व में महिला एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं. 21 अक्टूबर को ढोल-नगाड़ों और नाच-गाने के साथ मां दुर्गा का विसर्जन किया जाएगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.