मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज प्रदर्शन किया जा रहा है. हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इस प्रदर्शन की मंजूरी नहीं मिली है. लेकिन लोगों के जुटने की आशंका को देखते हुए नई दिल्ली और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण द्वारा बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन में CEC कुमार पर मतदाता सूची और चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ महाभियोग की मांग की जा रही है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा है कि अनुमान है विरोध प्रदर्शन के लिए करीब तीन से चार हजार लोग आ सकते हैं. इसकी वजह से पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
सूत्रों ने बताया कि AAP के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं, इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों और अन्य लोगों के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है. हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी के शुक्रवार को इस प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना नहीं है. जंतर-मंतर और नई दिल्ली जिले के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दिल्ली पुलिस की टीमों के साथ CAPF के जवानों को तैनात किया गया है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आवाजाही को कंट्रोल करने और बिना इजाजत लोगों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स और दूसरी संवेदनशील जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस का यह फैसला सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं द्वारा 2 अक्टूबर को सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर एक सभा करने की घोषणा के एक दिन बाद आया है. बैठक में चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट और एसआईआर को संभालने के तरीके पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि इससे नागरिकों के वोटिंग अधिकारों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं.
दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से इस सभा में शामिल होने की अपील की. उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर आएं. वरना, आज वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है, कल बाकी सभी अधिकार भी छीन लिए जाएंगे.’
बुधवार को, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, भूषण और झा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया. बोरा ने पहले NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. उन्होंने बताया कि आयोजकों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन को प्रस्तावित सभा के बारे में जानकारी दी थी, जिसमें संभावित भीड़, समय और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जिम्मेदार लोगों का ब्योरा शामिल था.
यह प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब दिल्ली में विपक्षी दलों, छात्र समूहों और सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ताओं द्वारा चुनाव आयोग के कामकाज और SIR प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं. CJP ने भी इस मुद्दे पर 2 अक्टूबर को मुंबई में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है. अनुमति न मिलने के बाद उसने ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया है.