UP assembly elections 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर अखिलेश यादव और दूसरे नेता तैयारियों में जुट गए हैं। इंडिया गठबंधन की राजनीति को देखते हुए यूपी में अखिलेश यादव भी गठबंधन के साझेदार कांग्रेस और आप पार्टी को सम्मानजनक सीटें दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब कांग्रेस प्रदेश की विधानसभा तक फिर एक बार अपनी पहुंचा बनाएगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अखिलेश यादव आप पार्टी को सीटें देंगे?
दिल्ली और हरियाणा के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने आम आदमी पार्टी को पूरी तरह सपोर्ट किया था। दोनों चुनाव में उन्होंने लोगों से आम आदमी पार्टी को वोट देने की अपील की थी। दोनों ही राज्यों में आप उम्मीदवारों को सपा प्रमुख ने सपोर्ट किया था। यूपी में विधानसभा की 403 सीटें हैं। यहां पर रण जीतने का मतलब है लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करना। ऐसे में क्या कम जनाधार वाली आप यूपी में कारगर साबित होगी? ये देखने वाली बात होगी।
आप पार्टी का जनाधार बड़ी समस्या
जानकारों की मानें तो आप पार्टी का वजूद दिल्ली और पंजाब के अलावा और कहीं नहीं है। गुजरात में उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई लेकिन अभी विश्वास हासिल करने में काफी समय लग सकता है। वहीं बात करें यूपी की तो यहां पर मुख्य मुकाबला बीजेपी और सपा के बीच है। हो सकता है कि बसपा भी सपा के साथ गठबंधन कर लें। विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव बेहद ही आक्रामक तरीके से चुनाव प्रचार करते हैं। ऐसे में वे नहीं चाहते हैं कि उनकी पार्टी को ऐसी सीटें गंवाना नहीं चाहेगी।
क्या आप-अखिलेश में होगा कोई गठजोड़?
दूसरी ओर कांग्रेस भी यूपी चुनाव को लेकर पूरी तैयारियों में जुटी है। उसने अभी से ही सम्मानजनक सीटों की डिमांड शुरू कर दी है। अब सवाल यह है कि अगर आप पार्टी को किसी पार्टी से समर्थन नहीं मिलता है तो क्या वह अकेले चुनाव लड़ेगी। जानकारों की मानें तो यह संभावना इसलिए भी प्रबल है क्योंकि अखिलेश यादव आम आदमी पार्टी को सीटें नहीं देंगे।
दरअसल शिक्षाविद् और नेता अवध ओझा ने न्यू24 के खास शो चाय वाला इंटरव्य में कहा कि यूपी में गठबंधन को लेकर फैसला आप पार्टी का नेतृत्व तय करेगा। ऐसे में यह कह पाना मुश्किल है कि अखिलेश यूपी में आप पार्टी के साथ कोई गठजोड़ करेंगे।