Rajasthan SIR: राजस्थान में के विशेष पुनरीक्षण अभियान (S1R) के बाद अंतिम वोटर लिस्ट तैयार होने से पहले ही सियासी बवाल मच गया है. BJP के चार अधिकृत बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) ने पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी फर्जी ID और जाली हस्ताक्षरों से मतदाताओं के नाम कटवाने और जोड़ने के फॉर्म भेजे गए. ये BLA अपनी शिकायत लेकर कांग्रेस विधायक रफीक खान के पास पहुंचे, जिसके बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग (EC) की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आम नागरिकों ने भी आरोप लगाया कि जिंदा होने के बावजूद उन्हें मृत घोषित कर नाम काट दिए गए.
BLA के आरोप: फर्जी ID से 400 नाम काटे गए
जयपुर के आदर्श नगर इलाके में BJP के चार अधिकृत BLA ने हाथों में SSR के फॉर्म-7 की कॉपी लेकर शिकायत की. उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने BLO (Booth Level Officer) के साथ मिलकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने/हटाने की प्रक्रिया में सहयोग के लिए उन्हें नियुक्त किया था, लेकिन अब उनकी ID और सिग्नेचर का गलत इस्तेमाल किया गया. BLA नईमुद्दीन ने कहा कि फाइनल वोटर लिस्ट से पहले ही उनके नाम से फॉर्म-7 चुनाव आयोग को भेज दिए गए, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. 400 नाम काटे गए हैं.
क्यों चुना कांग्रेस विधायक का दफ्तर?
चौंकाने वाली बात यह है कि ये BLA अपनी शिकायत कलेक्टर या चुनाव अधिकारियों के पास ले जाने की बजाय सीधे कांग्रेस विधायक रफीक खान के दफ्तर पहुंचे. इससे विधायक के ऑफिस में हड़कंप मच गया. रफीक खान ने इन आरोपों को लेकर मीडिया के सामने आकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा. कांग्रेस अब इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है और इसे सुनियोजित साजिश बता रही है. रफीक खान ने कहा कि चुनाव आयोग को अब अपनी निष्पक्षता साबित करनी होगी. अगर ये धांधली साबित होती है तो हम कानूनी कार्रवाई करेंगे. जिन नेताओं ने फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरे हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए.”
आम नागरिकों की शिकायत: जिंदा होकर भी ‘मृत’ घोषित
मामला सिर्फ BLA तक सीमित नहीं है. कई आम नागरिक सामने आए हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि ड्राफ्ट लिस्ट में उनका नाम था, लेकिन फाइनल लिस्ट में काट दिया गया. बुर्के वाली महिला और स्थानीय पुरुष ने कहा: “ड्राफ्ट लिस्ट में नाम था, फाइनल लिस्ट में काट दिया गया. हम जिंदा हैं, लेकिन मृत घोषित कर दिए गए.”
अलवर में 28 हजार नामों पर सवाल, कांग्रेस नेताओं का हमला
यह विवाद और गंभीर इसलिए हो गया क्योंकि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने अलवर विधानसभा क्षेत्र में 28 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटने और जोड़ने का आरोप लगाया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है. गहलोत ने EC पर BJP से मिलीभगत का आरोप लगाया, जबकि डोटासरा ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया.