बावड़ियों की खूबसूरती देखनी है तो इन जगहों का करें रुख, नक्काशी और वास्तुकला कर देगी हैरान

Best Bawdi List: एक समय था जब भारत में लगभग 100 बावड़ियां थीं, मगर आज कुछ ही बावली बची हैं. अगर इन सारी बावड़ियों की बात की जाए तो कुछ के किस्से बहुत ही दिलचस्प हैं, जिसे आपको एक बार जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए.

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कभी ये बावड़ियां पानी जमा करने का अहम हिस्सा हुआ करती थीं, लेकिन आज अपनी भव्य सीढ़ियों, बारीक नक्काशी और ऐतिहासिक वास्तुकला की वजह से यह घूमने लायक जगह बन गई हैं. Image Credit- Freepik

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भारत एक ऐसा देश है जहां पर आपको बहुत कुछ देखने को मिलेगा. किले, महल और धार्मिक स्थल के अलावा यहां पर सदियों पुरानी बावड़ियां भी देखी जा सकती हैं. हालांकि, कुछ बावड़ियां वक्त के साथ खत्म हो गई हैं, लेकिन जो बची हैं वो अपनी अनोखी वास्तुकला और खूबसूरत नक्काशी के लिए मशहूर हैं. कभी ये बावड़ियां पानी जमा करने का अहम हिस्सा हुआ करती थीं, लेकिन आज अपनी भव्य सीढ़ियों, बारीक नक्काशी और ऐतिहासिक वास्तुकला की वजह से यह घूमने लायक जगह बन गई हैं. अगर आप इतिहास और वास्तुकला में दिलचस्पी रखते हैं तो इन बावड़ियों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. 

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रानी की वाव, गुजरात

गुजरात के पाटन में मौजूद रानी की वाव भारत की सबसे लोकप्रिय बावड़ियों में शामिल है. इसे 11वीं शताब्दी में रानी उदयमती ने अपने पति राजा भीमदेव प्रथम की स्मृति में बनवाया था. इसकी कई मंजिलों पर देवी-देवताओं और दूसरी आकृतियों की बेहद बारीक नक्काशी देखने को मिलती है. इसकी वास्तुकला इतनी खास है कि इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है.

चांद बावड़ी, राजस्थान

राजस्थान के आभानेरी गांव की चांद बावड़ी अपनी ज्यामितीय डिजाइन के लिए खास पहचान रखती है. इसमें नीचे की ओर जाती हुई हजारों सीढ़ियां दिखाई देती हैं, जो दूर से देखने पर बेहद खूबसूरत पैटर्न बनाती हैं. बावड़ी के आसपास की पुरानी वास्तुकला इसे इतिहास और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए खास जगह बनाती है.

अग्रसेन की बावली, दिल्ली

दिल्ली के कनॉट प्लेस के पास मौजूद अग्रसेन की बावली शहर के बीचों-बीच मौजूद एक ऐतिहासिक जगह है. लाल बलुआ पत्थर और मेहराबदार गलियारों से बनी यह बावली नीचे की ओर जाती सीढ़ियों के कारण अलग नजर आती है. दिल्ली घूमने वालों के लिए यह ऐतिहासिक वास्तुकला को करीब से देखने की एक दिलचस्प जगह है. आप भी इस जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं. 

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अडालज बावड़ी, गुजरात

अहमदाबाद के पास मौजूद अडालज बावड़ी अपनी खूबसूरत नक्काशी और वास्तुकला के लिए जानी जाती है. पांच मंजिल गहराई तक जाती यह बावड़ी पत्थरों पर बनी बारीक वास्तुकला और स्तंभों की वजह से बहुत ही खूबसूरत लगती है. यहां हिंदू और इस्लामी वास्तुकला का मेल देखने को मिलता है. आप अगर गुजरात गए हैं तो इस जगह जरूर एक्सप्लोर कर सकते हैं. 

पन्ना मीना का कुंड, आमेर 

आमेर के पास मौजूद पन्ना मीना का कुंड अपनी सीढ़ियों और खूबसूरत ज्यामितीय पैटर्न के लिए जाना जाता है. इसकी सीढ़ियां ऊपर से देखने पर बेहद खूबसूरत लगती हैं. आमेर किले और आसपास के ऐतिहासिक जगहों के साथ इस जगह को भी देखा जा सकता है. आप टैक्सी से इस जगह को आसानी से एक्सप्लोर कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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