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63 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार! 92 फर्जी APK बेचकर हजारों लोगों को लगाया चूना, 37 हजार बैंकिंग डेटा बरामद

मुंबई पुलिस की डीबी मार्ग पुलिस ने आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है. वह मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है.

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गैस बिल, RTO चालान या बिजली बिल के नाम पर मोबाइल पर आने वाले लिंक पर क्लिक करना आपको भारी पड़ सकता है. मुंबई पुलिस ने ऐसे ही एक बड़े साइबर रैकेट का पर्दाफाश करते हुए उस आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी APK फाइलें बनाकर देशभर के साइबर ठगों को सप्लाई करता था. पुलिस का दावा है कि आरोपी की बनाई गई APK फाइलों के जरिए अब तक करीब 63 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है.

मुंबई पुलिस की डीबी मार्ग पुलिस ने आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है. वह मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है. जांच में सामने आया कि आरोपी अब तक 92 फर्जी APK फाइलें साइबर अपराधियों को बेच चुका था, जबकि उसके पास 967 और APK फाइलें तैयार मिलीं, जिन्हें अलग-अलग गिरोहों को बेचने की तैयारी थी.

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पुलिस के मुताबिक, इन 92 APK फाइलों का इस्तेमाल कर देशभर में 2,993 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुईं. इनमें 512 मामले महाराष्ट्र और मुंबई से जुड़े हैं. शुरुआती जांच के अनुसार, इन मामलों में पीड़ितों से करीब 63 करोड़ रुपये की ठगी की गई.

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 37,200 लोगों का बैंकिंग डेटा भी बरामद किया है. पूछताछ में पता चला कि वह एक APK फाइल 15 से 20 हजार रुपये में बेचता था और खरीदार को उसका पूरा कंट्रोल सौंप देता था. हर APK फाइल की वैधता लगभग 40 से 45 दिन होती थी, जिसके बाद अपराधी नई फाइल खरीदते थे.

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पुलिस के अनुसार, साइबर ठग लोगों को गैस बिल, RTO ई-चालान, बिजली बिल, KYC अपडेट या अन्य जरूरी सूचना के नाम पर फर्जी लिंक भेजते थे. जैसे ही कोई व्यक्ति APK फाइल डाउनलोड कर उसे इंस्टॉल करता, उसका मोबाइल हैक हो जाता. इसके बाद बैंकिंग जानकारी, OTP और अन्य संवेदनशील डेटा चुराकर खाते से रकम निकाल ली जाती थी.

पुलिस अब उन साइबर अपराधियों की पहचान में जुटी है, जिन्होंने आरोपी से ये APK फाइलें खरीदी थीं. अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई और साइबर ठगों की गिरफ्तारी हो सकती है. साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें, क्योंकि एक छोटी-सी लापरवाही आपकी पूरी जमा-पूंजी पर भारी पड़ सकती है.

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First published on: Jul 29, 2026 07:53 PM

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