मुंबई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सास ने अपनी घरेलू सहायिका के साथ मिलकर अपनी बहू का मर्डर कर डाला. इसके लिए महिला ने अपने घरेलू सहायिका को करीब तीन लाख रुपए दिए थे. इस मामले में पुलिस ने उस महिला को गिरफ्तार कर लिया है.
मुंबई के घाटकोपर इलाके में सपना गांजी नाम की एक महिला अपने घर में मृत मिली थीं. पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला धनलक्ष्मी गांजी ने सपना के कत्ल के लिए चार लोगों को तीन लाख रुपये दिए थे, जिनमें उसकी घरेलू सहायिका भी शामिल थी. आरोपियों ने कथित तौर पर सबूत मिटाने और उसे एक हादसा दिखाने की कोशिश की थी.
ऐसे बताया हादसा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आधी रात सपना के ससुर ने उसके पिता को कॉल किया और कहा कि वह बाथरूम में गिर गई और सिर में गंभीर चोट लगी है. जब तक सपना के पिता अस्पताल पहुंचे, डॉक्टरों ने उस मृत घोषित कर दिया था. हालांकि, उन्होंने देखा कि उसके सिर पर एक गहरा जख्म तो ही है, इसके साथ ही उसके चेहरे, गर्दन और कंधों पर भी चोट के निशान हैं. जिससे उन्हें शक हुआ कि सपना की मौत हादसे की वजह से नहीं हुई. जिसके बाद उन्होंने पुलिस में एक शिकायत दर्ज करवाई.
पुलिस को ऐसे किया गुमराह
पुलिस ने बताया कि धनलक्ष्मी ने शुरुआत में दावा किया कि उसने शराब पी रखी थी और बाथरूम में गिरने की वजह से उसकी मौत हो गई. हालांकि, बाद में जांच में सामने आया कि धनलक्ष्मी ने सपना की हत्या के लिए चार लोगों को हायर किया था.
बहू से क्यों थी नाराज
पुलिस का कहना है कि धनलक्ष्मी के गुस्से की पीछे की वजह, सपना की ओर से अपने ससुराल वालों के खिलाफ दर्ज कराए गए घरेलू हिंसा का मामला है. सपना की साल 2013 में प्रमोद गांजी के साथ शादी हुई थी. पुलिस के मुताबिक, पहले दो साल शादी सही चली. लेकिन इसके बाद प्रमोद, उसके माता-पिता और दो भाई सपना को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करने लगे. इसके बाद सपना ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था. सपना ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया था.
मांग ली थी माफी
यह मामला कोर्ट में चल रहा था. अगस्त 2024 में, प्रमोद और उसके परिवार ने कथित तौर पर सपना से माफी मांगी और उसे दोबारा परेशान न करने का वादा किया. इसके बाद, सपना और उसके पति विक्रोली में एक अलग घर में रहने चले गए और बाद में घाटकोपर स्थित अपने घर लौट आए.
पांच लोग गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को अरेस्ट किया है. इनमें धनलक्ष्मी गांजी, उनकी घरेलू सहायिका मंगलाबाई सुरेश जाधव, मंगलाबाई के पति सुरेश गणपत जाधव और उनके दो बच्चे शिवानी सुरेश जाधव और साजन सुरेश जाधव शामिल हैं.