महाराष्ट्र में FDA का बड़ा एक्शन, खुला खाने का तेल बेचने पर लगा बैन; हो सकती है 7 साल की जेल

महाराष्ट्र एफडीए के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा, ‘खुला या बिना सील वाला तेल असुरक्षित होता है. इसमें बैच नंबर या स्रोत के बारे में जानकारी नहीं होती, जिससे इसका पता लगाना और कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है.’

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महाराष्ट्र में ये आदेश गुरुवार को जारी किया गया है. ( Image - ANI)

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने गुरुवार को लोगों से खुला या बिना सील वाला खाने वाला तेल न खरीदने की अपील की और इसे अनसेफ बताया. उन्होंने कहा कि मिलावट समेत नियमों के उल्लंघन का पता चलने के बाद इस क्षेत्र के लिए अनुपालन आदेश जारी किया गया है. गुरुवार को जारी किए गए आदेश में तेल मिलावट, असुरक्षित पैकेजिंग और गलत तरीके से भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन जैसी चीजों को शामिल किया गया है. मुंढे ने मई में कार्यभार संभालने के बाद खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता में खामियों को दूर करने के लिए राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान शुरू किया है.

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क्या बोले FDA कमिश्नर?

महाराष्ट्र एफडीए के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा, ‘खुला या बिना सील वाला तेल असुरक्षित होता है. इसमें बैच नंबर या स्रोत के बारे में जानकारी नहीं होती, जिससे इसका पता लगाना और कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है. खुला खाद्य तेल न खरीदें. यदि आप पैकेटबंद तेल खरीदते हैं, तो लेबल, निर्माण और समाप्ति की तारीखें देखें और सुनिश्चित करें कि पैकेज ठीक से सील किया गया हो. पुरानी या दोबारा इस्तेमाल की गई पैकेजिंग में पैक किया गया तेल न खरीदें.’

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किस-किस को करना है इसका पालन

उन्होंने कहा कि अनुपालन आदेश में खाद्य तेल का कारोबार करने वाले सभी खाद्य व्यवसाय संचालक शामिल हैं, जिनमें तेल निकालने वाली इकाइयां, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन इकाइयां, ब्लेंडर, पैकेजिंग इकाइयां, आयातक, सुपरमार्केट, ई-कॉमर्स मंच और खुदरा दुकानें आती हैं.

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किस तेल पर लागू ये आदेश?

यह आदेश मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी, चावलभूसी, पाम, नारियल और मक्का जैसे तेलों पर लागू होता है. इस कदम के तहत सरसों का तेल अब 100 फीसद शुद्ध ही बेचा जाएगा. इसमें किसी दूसरे तेल की मिलावट पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. केवल फूड-ग्रेड और सीलबंद पैकेजिंग वाला तेल बेचने की ही मंजूरी है. पुराने, जंग लगे या स्पॉट-वेल्डेड डिब्बों में तेल की री-पैकेजिंग गैर-कानूनी माना जाएगा.

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उल्लंघन करने पर सात साल की सजा

तुकाराम मुंढे ने साफ चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अधिकतम 7 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

असुरक्षित भोजन बेचने पर धारा 59 के तहत जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना है. घटिया क्वालिटी का तेल बेचने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना है. गलत लेबल वाला तेल बेचने पर 3 लाख रुपये तक का जुर्माना, मिलावट की चीजें रखने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और बिना लाइसेंस के काम करना पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना है. इसके अलावा गुमराह करने वाले विज्ञापन देने पर भी 10 लाख रुपये तक का जुर्माना का प्रावधान है.

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(पीटीआई के इनपुट्स के साथ)

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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