महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य होने के बाद, अब वहां कई चालक इस भाषा को सीख रहे हैं. महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए बकायदा डेड लाइन भी जारी की थी, जिसकी मियाद खत्म होने के बाद अब सरकार उन ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगी, जिन्होंने मराठी नहीं सीखी. राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऐलान किया कि चालकों के कामचलाऊ मराठी ज्ञान का टेस्ट भी होगा, जिसका पूरा वीडियो बनाया जाएगा. साथ ही ऐसे चालकों के लिए नया बैज भी जारी किए जाएंगे.
जो नहीं सीख पाए मराठी, उनका क्या होगा?
एक प्रेस कॉन्फ्रेस में सरनाईक ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बैज जारी करने से पहले मराठी ज्ञान की जांच करते हुए पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाएं. अधिकारियों को इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा जिन चालकों को मराठी का ज्ञान नहीं है, उन्हें पहले एक महीने के लिए नोटिस दिया जाएगा. उन्हें 1 महीने और भाषा सीखने का अवसर दिया जाएगा. इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं होने पर चाल का लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा.
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महाराष्ट्र में कितने ऑटो-टैक्सी ड्राइवर?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र में करीब 6 लाख ऑटो-टैक्सी ड्राइवर हैं, इनकी बड़ी संख्या मुंबई में मौजूद है. सरकार ने स्पष्ट किया कि नियमों को बनाने का उद्देश्य किसी का रोजगार छिनना नहीं है, बल्कि ड्राइवरों को मराठी भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है. हालांकि जिन ड्राइवरों को मराठी नहीं आती, और ना ही वो महाराष्ट्र के मून निवासी है, उनके बीच अभी भी इस फैसले को लेकर आशंका बनी हुई है. बीते दिनों सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में अब तक सवा लाख से अधिक ऑटो-टैक्सी ड्राइवर मराठी का कामचलाऊ ज्ञान प्राप्त कर चुके हैं.
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