Mumbai High Tide Alert: महाराष्ट्र के मुंबई शहर में मानसून के बादल आफत बनकर बरस रहे हैं। पिछले 4 दिन से हो रही बारिश ने मुंबई में भयंकर जलप्रलय ला दी है। बादल फटने से और जलभराव के कारण भीषण तबाही देखने को मिल रही है। ऐसा लगता है मानो शहर की रफ्तार थम गई है, क्योंकि सड़कें डूबने से ट्रैफिक ठप है। लोकल ट्रेन सर्विस भी ठप पड़ी है। स्कूल-कॉलेज बंद पड़े हैं और झीलें-नदियां भी उफान पर बह रही हैं। मीठी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिस वजह से कुर्ला और साकी नाका में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
इन इलाकों में मची हुई है तबाही
मुंबई में पिछले 4 दिन से हो रही बारिश ने शहर और आस-पास के इलाकों में तबाही मचाई है। पिछले 5 साल में अगस्त महीने में बहुत भारी बारिश हुई है, जिसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। निचले इलाकों कुर्ला, सायन, दादर, अंधेरी, मानखुर्द, नालासोपारा और वसई रोड पर भारी जलभराव है। ठाणे, पालघर और नांदेड़ के इलाके डूबे हैं। कुर्ला में LBS रोड पर घुटनों तक पानी खड़ा है। सायन, दादर, परेल, अंधेरी (साकी नाका), हिंदमाता जंक्शन, वर्ली नाका और एलफिंस्टन ब्रिज पर ट्रैफिक ठप है। मानखुर्द में महाराष्ट्र नगर टनल में पानी भरा हुआ है।
मुंबई में आगे कैसा रहेगा मौसम?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे में मुंबई में 2 बार हाईटाइड आने की संभावना जताई गई है। बीती रात से शहर के कई इलाकों में भयंकर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक महाराष्ट्र का मौसम खराब रहने की संभावना जताइीर् है। मध्य महाराष्ट्र में बारिश कम हो सकती है, लेकिन मुंबई समेत नॉर्थ कोंकण में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना हैं। उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में भी कुछ जगहों पर अगले 3 दिन 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।
मुंबई में हो चुकी इतनी बारिश
बता दें कि 15 से 20 अगस्त तक मुंबई ने 875.1 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो अगस्त महीने में होने वाली औसत 560.8 मिलीमीटर बारिश से कहीं ज्यादा है। मानसून सीजन 2025 में मुंबई में 2310.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड होने का अनुमान है। आंकड़ों के अनुसार, चिंचोली (पश्चिमी उपनगर) में 369 मिलीमीटर, कांदिवली में 337 मिलीमीटर, दिंडोशी में 305 मिलीमीटर, दादर में 300 मिलीमीटर, चेंबूर में 297 मिलीमीटर, विखरोली में 293 मिलीमीटर और पवई में 290 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान है।
बारिश से अब तक हुआ नुकसान
बता दें कि मुंबई में भारी बारिश के कारण गिरे पड़े के नीचे दबने से भांडुप में 17 साल के युवक दीपक पिल्लै की मौत हो गई। वह हाईटेंशन वॉयर की चपेट में आ गया था। सेंट्रल रेलवे की हार्बर लाइन (कुर्ला-CSMT) पर 15 घंटे तक आवाजाही ठप रही। लंबी दूरी की 14 ट्रेनें रद्द की गईं। 16 ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया। मायसोर कॉलोनी-भक्ति पार्क और आचार्य आत्रे-वडाला मोनो रेल बिजली सप्लाई बंद होने से बीच रास्ते में ही रुक गई थीं। करीब 800 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें से 12 को दम घुटने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
100 से ज्यादा बसें रूट डायवर्ट करके दौड़ाई गईं। कई बसें जलभराव में फंसकर खराब हो गईं। पूर्वी और पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम हुआ। फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट करना पड़ा। इंडिगो और स्पाइसजेट एयरलाइंस ने अपने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। स्कूल और कॉलेज बंद करके कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देना पड़ा। चेंबूर में मेट्रो लाइन-3 की अंडरग्राउंड टनल में पानी भरने से सर्विस ठप हुई। उल्हास नदी उफान पर बह रही और नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर गया है।
मोरबे डैम से पानी छोड़े जाने से नदियां उफान पर आ गईं और नदी किनारे बसों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा गया। नांदेड़ जिले में बादल फटने से आए मलबे और सैलाब में लोगों के साथ उनके घर, खेत, जानवर और फसलें तक बह गईं।