Train Diversion: सफर करने वाले ध्यान दें! भारी बारिश से रेलवे का शेड्यूल बिगड़ा, वंदे भारत समेत कई ट्रेनों के बदले रूट
Train Route Diversion: मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. वंदे भारत और तेजस समेत 21 से ज्यादा ट्रेनों के रूट बदले गए या उन्हें बीच में ही रोक दिया गया है.
भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण मुंबई-कोंकण रेल रूट पर यातायात ठप हो गया है.
वंदे भारत, तेजस और दुरंतो जैसी मुख्य ट्रेनों समेत 21 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं.
गुजरात रूट से जुड़ी 13 से अधिक ट्रेनों के रूट बदले गए या उन्हें बीच में रोका गया.
वलसाड-विरार पैसेंजर ट्रेन को रेलवे ने पूरी तरह से कैंसिल कर दिया है.
इस रेल संकट के कारण लगभग 25 हजार यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है.
Train Route Diversion: मुंबई और कोंकण रेलवे क्षेत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने रेल सेवाओं की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है. कई जगहों पर पटरियों पर पानी भरने और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने के कारण वेस्टर्न, सेंट्रल और कोंकण रेलवे का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत कड़ा कदम उठाया है. इसके तहत वंदे भारत, तेजस, दुरंतो और कर्णावती एक्सप्रेस जैसी कई वीआईपी ट्रेनों को या तो रोक दिया गया है या उनके रूट बदल दिए गए हैं. इस अचानक आई आफत से सफर करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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गुजरात जाने वाली ट्रेनों पर कैसा असर पड़ा है?
इस भारी बरसात के कारण 21 से ज्यादा ट्रेनों के परिचालन में बदलाव करना पड़ा है, जिसमें सबसे ज्यादा असर गुजरात की तरफ जाने और वहां से आने वाली सेवाओं पर पड़ा है. गुजरात रूट की 13 से अधिक ट्रेनें इस मौसम की मार से प्रभावित हुई हैं. कुछ ट्रेनों को गंतव्य से बहुत पहले ही रोक कर वापस भेज दिया गया, तो कुछ का समय बदल दिया गया. प्रभावित होने वाली मुख्य ट्रेनों और उनके रूट में किए गए बदलावों की पूरी सूची नीचे दी गई टेबल में साफ तौर पर देखी जा सकती है.
फंसे हुए यात्रियों को किस तरह की परेशानी हो रही है?
ट्रेनों के अचानक रद्द और छोटे स्टेशनों पर रोके जाने के कारण करीब 20,000 से 25,000 यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हजारों मुसाफिर अपने तय स्थान पर नहीं पहुंच पाए और उन्हें बीच के स्टेशनों पर ही उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा. बहुत से यात्री घंटों तक ट्रेनों के अंदर ही फंसे रहे. स्टेशन पर उतरे लोगों को अपने आगे के सफर के लिए महंगे दामों पर गाड़ियों का इंतजाम करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है.
रेलवे प्रशासन स्थिति को सुधारने के लिए क्या कर रहा है?
रेलवे के तकनीकी कर्मचारी और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में मुस्तैदी से काम कर रही हैं. पटरियों से पानी निकालने के लिए हाई-कैपेसिटी पंप लगाए गए हैं. इसके साथ ही कोंकण रूट पर जहां भी भूस्खलन हुआ है, वहां से मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब तक ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक ट्रेनों को सामान्य रूप से नहीं चलाया जाएगा क्योंकि यात्रियों की जान सबसे कीमती है.
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क्या आने वाले दिनों में भी यह समस्या बनी रहेगी?
मौसम विभाग के अनुमान को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को चेतावनी दी है. अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो आने वाले अगले 24 घंटों में कुछ और ट्रेनों के समय में बदलाव किया जा सकता है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले रेलवे के हेल्पलाइन नंबर या आधिकारिक ऐप पर अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें ताकि स्टेशन पर जाकर परेशान न होना पड़े.
निष्कर्ष:
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मुंबई और कोंकण में मूसलाधार बारिश के चलते रेल सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं. यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए इन प्रशासनिक कदमों के कारण हजारों लोगों को परेशानी जरूर हुई है, लेकिन जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए ट्रेनों को रोकना बेहद जरूरी था.
Frequently Asked Questions
Ans. इस खराब मौसम और जलभराव के कारण कुल 21 से ज्यादा ट्रेनें मुख्य रूप से प्रभावित हुई हैं.
Ans. अहमदाबाद से मुंबई आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को वapi (वापी) स्टेशन पर ही समाप्त कर दिया गया.
Ans. हां, ट्रेन नंबर 59046 वलसाड-विरार पैसेंजर ट्रेन को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है.
Ans. अहमदाबाद-मुंबई तेजस एक्सप्रेस को भीमपोर स्टेशन पर ही रोक कर वहीं से वापस भेज दिया गया.
Ans. एक अनुमान के मुताबिक लगभग 20,000 से 25,000 रेल यात्रियों को इस वजह से परेशानी झेलनी पड़ी है.