CM Devendra Fadnavis Big Decision: महाराष्ट्र में 3 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बड़ा फैसला लिया। इस फैसले ने एकनाथ शिंदे के सीएम के कार्यकाल के दौरान लिए गए एक निर्णय पर स्टे लगा दिया है। दरअसल, राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने प्राथमिक हेल्थ सेंटर और उप हेल्थ सेंटर की सफाई के लिए पुणे की एक कंपनी को 3190 करोड़ का ठेका दिया था। लेकिन अब इस टेंडर की जांच होगी, तब तक इस फैसले पर स्टे लगा रहेगा।
टेंडर में गड़बड़ी का शक
इस सफाई के काम में ठेकेदार को बड़ा मुनाफा दिलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का शक है। इसलिए सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने स्वास्थ्य विभाग के काम का जायजा लेने वाले हैं। साथ ही इस टेंडर पर स्टे लगाने के बाद इसकी जांच होगी। जांच रिपोर्ट में अगर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की बात सामने आई, तो इसे रद्द भी कर दिया जाएगा।
3190 करोड़ का टेंडर
बता दें कि राज्य के हेल्थ सेंटर और उप हेल्थ सेंटर की मशीन द्वारा सफाई के लिए टेंडर निकाला गया था। इस टेंडर को पुणे की एक कंपनी ने हासिल किया। राज्य सरकार ने 30 अगस्त 2024 को कंपनी को 6 साल के लिए 3190 करोड़ का टेंडर दिया। इसी के तहत इस काम के लिए कंपनी को सालाना 638 करोड़ रुपये दिए गए। इस टेंडर की प्रक्रिया वित्त विभाग की मान्यता के बिना हुई।
सीएम के फैसले का स्वागत
एनसीपी शरद गुट के विधायक रोहित पवार ने ट्वीट कर सीएम देवेंद्र फड़नवीस के इस फैसले का स्वागत किया है। पवार ने कहा कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल के दौरान एम्बुलेंस की खरीद-फरोख्त में भी बड़ा घोटाला हुआ है।’ महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग के काम की जांच के आदेश सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने दिए हैं। इसमें गैर- पारदर्शी काम के लिए जांच करने में कोई दिक्कत नहीं।मालूम हो कि प्रकाश आबिटकर शिंदे की पार्टी के विधायक हैं।