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अमृता फडणवीस ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता जरांगे को बताया ‘भाई’, घर पर खाने का दिया न्योता

मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच अमृता फडणवीस ने मनोज जरांगे पाटिल को भाई बताते हुए उन्हें अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित किया.

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महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने अपना भाई बताया है. उन्होंने जरांगे को अपने घर पर भोजन के लिए भी आमंत्रित किया. अमृता फडणवीस ने यह बात बुधवार रात नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही. जरांगे जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में हैदराबाद और सतारा गजट में दर्ज पुराने रिकॉर्ड को लागू करना और पात्र मराठा लोगों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करना शामिल है.

‘जरांगे पाटिल मेरे भाई हैं’

जब अमृता फडणवीस से जरांगे के आंदोलन और उनकी मांगों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, ‘जरांगे पाटिल जी मेरे भाई हैं और मैं उन्हें हमारे घर भोजन के लिए आमंत्रित करती हूं.’ उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर चर्चा में है. जरांगे लगातार सरकार से अपनी मांगों पर फैसला लेने की मांग कर रहे हैं.

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मुख्यमंत्री ने कहा- संविधान के दायरे में होगा समाधान

जरांगे के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि सरकार संविधान के दायरे में रहकर जो भी संभव होगा, वह करेगी. उन्होंने यह भी साफ किया था कि किसी एक समुदाय के हिस्से का आरक्षण लेकर दूसरे समुदाय को नहीं दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार ने बातचीत के रास्ते बंद नहीं किए हैं और चर्चा के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश जारी है.

नवरात्र और गरबा को लेकर भी दिया बयान

अमृता फडणवीस ने बुधवार को नवरात्रि और गरबा आयोजनों को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि त्योहारों का उद्देश्य लोगों को साथ लाना और उन्हें जोड़ना है. उनके मुताबिक, अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति किसी उत्सव में शामिल होता है तो इसमें गलत नहीं है. उनका यह बयान उस समय आया, जब महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के उस आह्वान का समर्थन किया था, जिसमें गरबा और डांडिया आयोजनों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही गई थी.

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अमृता ने कहा कि नवरात्र और गरबा के जरिए लोग हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं को करीब से समझ सकते हैं. उन्होंने इन आयोजनों की खासियत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की बात भी कही. विहिप ने पिछले सप्ताह कहा था कि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र उत्सव के दौरान महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया स्थलों पर मुसलमानों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

First published on: Sep 10, 2026 12:13 PM

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