Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल वचन सभी को भेज सकते हैं आप, यादगार हैं ये Quotes
Lal Bahadur Shastri Jayanti Speech In Hindi: हर साल 2 अक्टूबर के दिन लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है. ऐसे में आप भी लाल बहादुर शास्त्री के ये अनमोल वचन सभी को भेजकर इस दिन की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल वचन. AI Generated Image
Lal Bahadur Shastri Jayanti: लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे. 2 अक्टूबर, 1904 में मुगलसराय, उत्तर प्रदेश में शास्त्री जी का जन्म हुआ था. ऐसे में हर साल 2 अक्टूबर के दिन लाल बहादुर शास्त्री जयंती मनाई जाती है. लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने जीवनकाल में कई नारे दिए जिनमें ‘जय किसान, जय जवान’ जैसा महान नारा भी शामिल है. शास्त्री जी को उनकी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा के लिए जाना जाता है. ऐसे में शास्त्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर आप भी सभी को लाल बहादुर शास्त्री के ये अनमोल वचन (Anmol Vachan) भेज सकते हैं.
हमारी ताकत और मजबूती के लिए सबसे जरूरी काम है लोगों में एकता स्थापित करना.
कानून का सम्मान किया जाना चाहिए ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना बरकरार रहे और हमारा लोकतंत्र भी मजबूत बने.
हम खुद के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व की शांति, विकास और कल्याण में विश्वास रखते हैं.
हमारा रास्ता सीधा और स्पष्ट है. अपने देश में सबके लिए स्वतंत्रता और संपन्नता के साथ समाजवादी लोकतंत्र की स्थापना और अन्य सभी देशों के साथ विश्व शांति और मित्रता का संबंध रखना.
देश की तरक्की के लिए हमें आपस में लड़ने के बजाए गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ना होगा.
यदि लगातार झगड़े होते रहेंगे तथा शत्रुता होती रहेगी तो हमारी जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. परस्पर लड़ने की बजाय हमें गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ना चाहिए.
लाल बहादुर शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं
छोटा कद, ऊंचे विचार, देश के लिए समर्पित जीवन अपार शास्त्री जी की सादगी और ईमानदारी को कोटि-कोटि नमन.
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देश के जवानों का हौसला, किसानों का सम्मान, शास्त्री जी के विचारों से मजबूत हुआ हिंदुस्तान जय जवान, जय किसान!
न पद का अभिमान था, न शोहरत की चाह थी, देश के लिए जीना ही शास्त्री जी की राह थी.
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जिनके शब्दों में देश था, जिनके कर्मों में मान, ऐसे भारत के लाल को बार-बार प्रणाम.
जवानों का बढ़ाया मान, किसानों को दिया सम्मान, ‘जय जवान, जय किसान’ से गूंज उठा सारा हिंदुस्तान.