Earthquake in Himachal Pradesh : तिब्बत के बाद हिमाचल प्रदेश में भूकंप के झटके लगे। देश में एक दिन में दूसरी बार धरती हिली। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.4 मापी गई है। लोगों ने मंगलवार की शाम 5.14 बजे भूकंप के झटके महसूस किए। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 5 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक भूकंप से किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं आई है।
आज सुबह की शुरुआत भूकंप से हुई थी। सुबह करीब 6.35 से लेकर 6.40 बजे के बीच दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेपाल सीमा के पास तिब्बत भूकंप का केंद्र था, जिसकी तीव्रता 7.1 थी। शाम होते होते हिमाचल प्रदेश में भूकंप आया। मंडी में जमीन की 5 किमी गहराई में इसका केंद्र था।
जानें हिमाचल में कब बढ़ जाता है भूकंप का खतरा
सर्दियों के मौसम में हिमाचल प्रदेश के मंडी, चांबा, कांगड़ा, लाहौल और कुल्लू में भूकंप का खतरा और बढ़ जाता है। जनवरी से लेकर मार्च तक भूकंप की घटनाएं बढ़ जाती हैं। आज भी लोगों के दिलों में 1905 में कांगड़ा में आए भूकंप की याद ताजा है।
तिब्बत में 100 से अधिक मौत
शक्तिशाली भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान तिब्बत क्षेत्र को पहुंचा। भूकंप के झटके लगने के बाद चारों ओर मौत का मंजर नजर आ रहा था। बड़ी-बड़ी इमारतें भरभराकर गिर पड़ीं, जिसके मलबे के नीचे लोग दब गए और चीख पुकार मचने लगी। भूकंप से अबतक 100 से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर सामने आ रही है, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं।