वीकेंड पर हिमाचल प्रदेश जाने का प्लान है तो भूल जाएं, क्योंकि शिमला से लेकर मनाली तक जगह-जगह पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा है. बेशक हिमाचल प्रदेश पर्यटकों से गुलजार है और होटलों में एक्यूपेंसी भी 50 से 80 प्रतिशत के बीच बनी हुई है, लेकिन भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम के कारण लोगों का हाल बेहाल है. क्योंकि टूरिस्टों को ठहरने के लिए होटलों में कमरे नहीं मिल रहे हैं और रेस्टोरेंट के बाहर भी लंबी लाइनें लगी हैं. ट्रैफिक जाम में फंसे लोगों को घंटों सड़कों पर बिताने पड़ रहे हैं. वे न तो आगे जा सकते हैं और न ही पीछे जा सकते हैं. ऐसे में खाना-पानी न होने के कारण महिलाओं और बच्चों की हालत खराब हो रही है. मसूरी में हालात ऐसे हैं कि मंत्री महोदय को सरकारी गाड़ी छोड़ स्कूटी पर घर से निकलना पड़ा.
परवाणू टोल प्लाजा पर 2 किलोमीटर लंबा जाम
वीकेंड पर हिमाचल प्रदेश के शिमला, कसौली, परवाणू, मनाली, धर्मशाला, मैक्लोडगंज समेत कई शहरों में ट्रैफिक जाम लगा है. क्योंकि इन शहरों में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं. शुक्रवार को परवाणू टोल प्लाजा पर करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा, जो शाम करीब 4 बजे लगा रहा और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी परेशान होते नजर आए. टोल प्लाजा कर्मियों को भी ट्रैफिक जाम को मैनेज करने में परेशानी उठानी पड़ी. क्योंकि लोगों को जाम में रेंग-रेंग कर चलना पड़ रहा था, इसलिए वे गाड़ियों को बंद नहीं कर सकते थे तो इंजन जाम होने से कई कारें खराब भी हो गईं. इस वजह से लोगों को गाड़ियों को जाम से निकालकर सड़क किनारे लगाना पड़ा. कुल मिलाकर हिमाचल घूमने आने वाले लोगों की हालत काफी खराब है.
होटलों की ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत पहुंच सकती
शिमला, संजौली, लक्कड़ बाजार, भट्टाकुफर और कसौली जाने वाले लोग भी सर्कुलर रोड पर जाम में फंसे. पुलिस जवानों को ट्रैफिक कंट्रोल करने में परेशानी आई. वहीं शिमला के होटलों में ऑक्यूपेंसी भी 70 प्रतिशत पहुंच गई है. होटलियर एसोसिएशन शिमला के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा के अनुसार, जिस तरह से पर्यटक आ रहे हैं, होटलों की ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. लेकिन शिमला में जाम लगने की वजह पर्यटकों की संख्या नहीं, बल्कि सड़कों के किनारे बेतरतीब तरीके से गाड़ियों की पार्किंग थी. इस वजह से बड़ी टूरिस्ट बसों और दूसरे बड़े वाहनों को आने जाने में परेशानी हुई, जिससे शिमला बाईपास पर जाम लग गया. अगर सड़कों किनारे खड़ी गाड़ियां हट जाएं तो सभी लोगों को आवाजाही करने में परेशानी नहीं होगी.
मसूरी में मंत्री गणेश को ड्राइव करनी पड़ी स्कूटी
मसूरी-देहरादून हाईवे, किंक्रेग-लाइब्रेरी-जीरो प्वाइंट कैम्पटी रोड, किंक्रेग-मैसॉनिक लॉज-घंटाघर-चार दुकान, मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर भी जाम लगा. लाइब्रेरी चौक, लाइब्रेरी किंग्क्रेग मार्ग, लाइब्रेरी बाजार और मोतीलाल नेहरू मार्ग पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं. किंक्रेग से लेकर कोल्हूखेत और शिवमंदिर कुठालगेट तक वाहनों की लंबी लाइनें लगी थीं. गांधी चौक पर जाम के कारण ट्रैफिक को मालरोड से डायवर्ट करना पड़ा. हालात ऐसे थे कि गांधी चौक पर गांधी और शास्त्री जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मसूरी विधायक और मंत्री गणेश जोशी सरकारी वाहन की बजाय स्कूटी पर पहुंचे. मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि मसूरी के होटलों में ऑक्यूपेंसी 90 प्रतिशत पहुंच गई है और आगे 100 प्रतिशत से ज्यादा हो सकती है.