दिल्ली, मुंबई और सिलीगुड़ी समेत इन बड़े शहरों में दौड़ेगी Bullet Train, चंद घंटों में तय होगा मीलों का सफर! यहां देखें सभी रूटों की लिस्ट
Bullet Train in India: एक तरफ भारत रेलवे क्षेत्र में वंदे भारत और अन्य हाई-स्पीड ट्रेनों का विस्तार कर रहा है, तो दूसरी ओर बुलेट ट्रेन परियोजनाओं को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की जानकारी दी है. आइए जानते हैं कि भविष्य में देश के किन-किन रूट्स पर बुलेट ट्रेन दौड़ती नजर आ सकती है.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jun 13, 2026 15:40
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jun 13, 2026 15:40
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भारत में कहां-कहां बुलेट ट्रेन चलेगी? (Image: AI)
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भारत के यातायात और रेल नेटवर्क में बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है. देश में बुलेट ट्रेन परियोजनाएं अब सिर्फ कागजी प्रस्ताव नहीं रह गई हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से आकार ले रही हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में दिल्ली से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी (न्यू जलपाईगुड़ी) के बीच एक नए और बेहद महत्वपूर्ण बुलेट ट्रेन हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की है. इस नए रूट के शुरू होने से दिल्ली से कोलकाता/सिलीगुड़ी का 20 से 22 घंटे का लंबा सफर घटकर महज 6 से 7 घंटे का रह जाएगा. इसके अलावा, सरकार ने भारत के अलग-अलग रूट पर इन हाई- स्पीड बुलेट ट्रेन को चलाने का एलान किया है, जिसके बारे में हम इस स्टोरी में जानेंगे. आइए जानते हैं किन-किन शहरों के बीच दौड़ेंगी यह ट्रेन.
वर्तमान में नेशनल रेल प्लान (NRP) के तहत भारत में कुल 7 प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर्स को मंजूरी दी गई है. इनमें सबसे पहले मुंबई-अहमदाबाद रूट पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जबकि अन्य रूटों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और सर्वेक्षण का काम चल रहा है. इन सभी रूटों को इस तरह तैयार किया जा रहा है ताकि देश के महानगरों के साथ-साथ तेजी से बढ़ते टियर-2 शहरों को भी आपस में जोड़ा जा सके.
बुलेट ट्रेन रूट (हाई-स्पीड कॉरिडोर)
दूरी (किमी)
डिज़ाइन स्पीड
वर्तमान स्थिति (2026)
मुख्य स्टेशन / रूट कवर
मुंबई - अहमदाबाद
508 किमी
350 किमी/घंटा
निर्माण कार्य जारी (ट्रैक बिछाने का काम शुरू)
मुंबई (BKC), ठाणे, वापी, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, साबरमती
वाराणसी, पटना, गया, धनबाद, आसनसोल, कोलकाता (हावड़ा)
उत्तर प्रदेश और बिहार के इन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन
नया घोषित किया गया दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश के चार बड़े राज्यों- दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ेगा. यह मेगा प्रोजेक्ट असल में दो बड़े रूटों पर है, जिसमें पहला हिस्सा दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर है और दूसरा हिस्सा वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी रूट है. इस ट्रैक पर ट्रेनें 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे उत्तर भारत से उत्तर-पूर्व (Northeast) का प्रवेश द्वार माना जाने वाला सिलीगुड़ी बेहद करीब आ जाएगा.
यह हाई-स्पीड लाइन मुख्य रूप से एलिवेटेड (पिलर्स पर) बनाई जाएगी ताकि जमीन का कम से कम अधिग्रहण करना पड़े. वहीं, इस रूट के प्रमुख रेलवे स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:
नई दिल्ली (शुरुआती हब)
नोएडा (जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट)
मथुरा और आगरा
इटावा और कन्नौज
लखनऊ और रायबरेली
प्रयागराज और भदोही
वाराणसी और गाजीपुर
पटना (बिहार)
सिलीगुड़ी / न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल)
देश की पहली बुलेट ट्रेन का काम कितना पहुंचा?
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना (मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर) गुजरात और महाराष्ट्र के बीच तेजी से पूरी की जा रही है. गुजरात के हिस्से में अधिकांश पिलर्स (Piers) का काम पूरा हो चुका है और 300 किलोमीटर से ज्यादा के हिस्से पर वायडक्ट (Pillars के ऊपर का ढांचा) तैयार कर लिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत और बिलीमोरा के बीच विशेष ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है और उम्मीद है कि इस छोटे से खंड को इसी साल के आखिर तक परीक्षण के लिए खोल दिया जाएगा. इस रूट का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा ठाणे के पास समुद्र के नीचे बनने वाली 7 किलोमीटर की अंडरसी सुरंग (Undersea Tunnel) है, जिस पर काम शुरू हो चुका है. यह पूरी लाइन साल 2028 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है.
भारत के यातायात और रेल नेटवर्क में बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है. देश में बुलेट ट्रेन परियोजनाएं अब सिर्फ कागजी प्रस्ताव नहीं रह गई हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से आकार ले रही हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में दिल्ली से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी (न्यू जलपाईगुड़ी) के बीच एक नए और बेहद महत्वपूर्ण बुलेट ट्रेन हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की है. इस नए रूट के शुरू होने से दिल्ली से कोलकाता/सिलीगुड़ी का 20 से 22 घंटे का लंबा सफर घटकर महज 6 से 7 घंटे का रह जाएगा. इसके अलावा, सरकार ने भारत के अलग-अलग रूट पर इन हाई- स्पीड बुलेट ट्रेन को चलाने का एलान किया है, जिसके बारे में हम इस स्टोरी में जानेंगे. आइए जानते हैं किन-किन शहरों के बीच दौड़ेंगी यह ट्रेन.
वर्तमान में नेशनल रेल प्लान (NRP) के तहत भारत में कुल 7 प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर्स को मंजूरी दी गई है. इनमें सबसे पहले मुंबई-अहमदाबाद रूट पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जबकि अन्य रूटों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और सर्वेक्षण का काम चल रहा है. इन सभी रूटों को इस तरह तैयार किया जा रहा है ताकि देश के महानगरों के साथ-साथ तेजी से बढ़ते टियर-2 शहरों को भी आपस में जोड़ा जा सके.
बुलेट ट्रेन रूट (हाई-स्पीड कॉरिडोर)
दूरी (किमी)
डिज़ाइन स्पीड
वर्तमान स्थिति (2026)
मुख्य स्टेशन / रूट कवर
मुंबई – अहमदाबाद
508 किमी
350 किमी/घंटा
निर्माण कार्य जारी (ट्रैक बिछाने का काम शुरू)
मुंबई (BKC), ठाणे, वापी, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, साबरमती
वाराणसी, पटना, गया, धनबाद, आसनसोल, कोलकाता (हावड़ा)
उत्तर प्रदेश और बिहार के इन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन
नया घोषित किया गया दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश के चार बड़े राज्यों- दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ेगा. यह मेगा प्रोजेक्ट असल में दो बड़े रूटों पर है, जिसमें पहला हिस्सा दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर है और दूसरा हिस्सा वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी रूट है. इस ट्रैक पर ट्रेनें 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे उत्तर भारत से उत्तर-पूर्व (Northeast) का प्रवेश द्वार माना जाने वाला सिलीगुड़ी बेहद करीब आ जाएगा.
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यह हाई-स्पीड लाइन मुख्य रूप से एलिवेटेड (पिलर्स पर) बनाई जाएगी ताकि जमीन का कम से कम अधिग्रहण करना पड़े. वहीं, इस रूट के प्रमुख रेलवे स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:
नई दिल्ली (शुरुआती हब)
नोएडा (जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट)
मथुरा और आगरा
इटावा और कन्नौज
लखनऊ और रायबरेली
प्रयागराज और भदोही
वाराणसी और गाजीपुर
पटना (बिहार)
सिलीगुड़ी / न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल)
देश की पहली बुलेट ट्रेन का काम कितना पहुंचा?
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना (मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर) गुजरात और महाराष्ट्र के बीच तेजी से पूरी की जा रही है. गुजरात के हिस्से में अधिकांश पिलर्स (Piers) का काम पूरा हो चुका है और 300 किलोमीटर से ज्यादा के हिस्से पर वायडक्ट (Pillars के ऊपर का ढांचा) तैयार कर लिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत और बिलीमोरा के बीच विशेष ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है और उम्मीद है कि इस छोटे से खंड को इसी साल के आखिर तक परीक्षण के लिए खोल दिया जाएगा. इस रूट का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा ठाणे के पास समुद्र के नीचे बनने वाली 7 किलोमीटर की अंडरसी सुरंग (Undersea Tunnel) है, जिस पर काम शुरू हो चुका है. यह पूरी लाइन साल 2028 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है.
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