Delhi Auto Union Protest: दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ सोमवार, 17 अगस्त 2026 को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है. इसमें ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के वेलफेयर और शहर की ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़े कई मुद्दों पर चिंता जताई जा रही है. आइए जानते हैं कि आखिर ड्राइवर्स की डिमांड क्या है.
ड्राइवर्स की मांगें
भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले हो रहा ये विरोध प्रदर्शन केंद्र और दिल्ली, दोनों सरकारों के खिलाफ है. यूनियन ड्राइवरों की सोशल सिक्योरिटी और काम करने की स्थितियों से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए तुरंत ‘ऑटो-टैक्सी ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड’ बनाने की मांग कर रही है.
दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र सोनी ने ऑटो और टैक्सी ऑपरेटर्स से प्रदर्शन में शामिल होने और सरकार के सामने अपनी चिंताएं रखने की अपील की है. यूनियन ने व्हीकल की फिटनेस टेस्टिंग के लिए बढ़ाए गए चार्ज को वापस लेने की भी मांग की है. ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने नवंबर 2025 में 20 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट फीस बढ़ा दी थी. ये कदम पुरानी गाड़ियों के लगातार इस्तेमाल को कम करने के मकसद से उठाया गया था.
प्राइवेट बाइक टैक्सी पर रोक
वेलफेयर बोर्ड और फिटनेस फीस के मुद्दे के अलावा, यूनियन ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़ी कई और मांगें भी उठाई हैं. इनमें ड्राइवर्स के काम के घंटों की साफ सीमा तय करना और दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाना शामिल है. यूनियन ने प्राइवेट रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बाइक टैक्सी पर तुरंत रोक लगाने की भी मांग की है. उनका तर्क है कि ऐसी सेवाओं की बारीकी से जांच और रेगुलेशन की जरूरत है.
पूरी होंगी मांगें?
ये विरोध प्रदर्शन दिल्ली के ट्रेडिशनल पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की लागत, नियमों और काम करने की स्थितियों को लेकर बढ़ती चिंताओं को दिखाता है. उम्मीद है कि जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान यूनियन अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई के लिए अधिकारियों पर दबाव डालेगी.