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10 केस, 22 मौत की सज़ा… 4 महीनों में क्राइम के खिलाफ यूपी के जज का ताबड़तोड़ एक्शन

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज ने महज 4 महीनों में 10 मामलों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है.

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं. उन्होंने महज 4 महीनों में 10 मामलों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत अपने कड़े फैसलों के लिए जानी जाती है. उन्होंने 2022 में वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वे कराने का ऑर्डर जारी किया था, जिससे वो काफी चर्चा में रहे.

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कैसा रहा सफर?

46 साल के जज रवि कुमार लखनऊ के रहने वाले हैं. उनके पास BCom और LLM की डिग्री है. दिवाकर ने साल 2009 में आज़मगढ़ में एडिशनल सिविल जज के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. इसके बाद मई 2015 में उन्हें सुल्तानपुर में सिविल जज और लगभग पांच महीने बाद जुडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर प्रमोट किया गया. नवंबर 2025 से जज दिवाकर मुजफ्फरनगर में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के तौर पर काम कर रहे हैं.

किन मामलों में सुनाई मौत की सज़ा?

जज रवि दिवाकर ने 13 अगस्त को एक 12 साल पुराने मर्डर केस में चार लोगों को मौत की सज़ा सुनाई और 1.70 लाख का जुर्माना भी लगाया. रामवीर, राजीव, राहुल और हरेंद्र कुमार पर आरोप था कि वो 14 जुलाई 2014 को यूपी के शामली में पुरानी रंजिश के चलते हुए हमले में आरोपी कुमार के घर में घुसकर गोलीबारी कर रहे थे, जिसमें कुमार की मौत हो गई और भाई को गोली लगी. 12 अगस्त को जज दिवाकर ने 1999 में फिरौती के लिए लकड़ी व्यापारी की हत्या करने वाले व्यक्ति को मौत की सज़ा सुनाई. वहीं, 17 जुलाई को न्यायाधीश ने 2011 में किसान की हत्या करने वाले 4 आरोपियों को मौत का फरमान सुनाया.

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जज ने सुनाया मौत का फरमान

6 जुलाई को जज दिवाकर ने 2010 के हत्या के मामले में पूर्व ग्राम प्रधान और उसके साथी को मौत की सज़ा सुनाई. 2 जुलाई को उन्होंने ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड मर्डर केस में एक आरोपी को फांसी की सज़ा दी. 20 जून को राजेंद्र सैनी की हत्या को रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी का केस मानते हुए दो लोगों को मौत का फरमान सुनाया. 30 मई को जज दिवाकर की कोर्ट ने 15 साल पुराने मां-बेटे के मर्डर केस में एक 50 साल के व्यक्ति को मौत की सज़ा दी. इससे पहले 28 अप्रैल को न्यायाधीश ने 2019 के मां और उसके तीन बेटों की हत्या के मामले में 3 लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई.

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First published on: Aug 17, 2026 05:28 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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