लखीसराय भगदड़ की क्या थी वजह? करंट की अफवाह या कुछ और, पढ़ें अशोक धाम मंदिर हादसे की इनसाइड स्टोरी

अशोक धाम मंदिर में भगदड़ का यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2019 में भी जलाभिषेक के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की अफवाह फैलने के बाद श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई थी.

Lakhisarai Stampede.jpg

बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक के दौरान अचानक भगदड़ मचने की वजह से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. सुबह करीब 6:30 बजे अशोक धाम स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भगदड़ मचने से हड़कंप मच गया. हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से स्पष्ट आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख प्रकट किया है. हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये के मुआवजे का भी ऐलान कर दिया है. लखीसराय भगदड़ मामले पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, आखिर भीड़ में अफरा-तफरी क्यों मची और भगदड़ क्यों मची, ये बड़ा सवाल है.

विज्ञापन

करंट की अफवाह से बिगड़े हालात

लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, अशोक धाम स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर पहले से एक बिजली का पोल गिरा हुआ था. स्टेशन पर दो ट्रेनों के एक साथ रुकने की वजह से भीड़ बढ़ गई. सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे थे. इसी दौरान किसी ने बिजली के पोल में करंट होने की अफवाह फैला दी. जिसके बाद देखते ही देखते यह खबर भीड़ में फैल गई और लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे. भीड़ से अचानक बढ़े दबाव के कारण बैरिकेडिंग टूट गई.

विज्ञापन

गर्मी और भीड़ भी बनी वजह

रास्ता संकरा होने और भारी भीड़ के चलते कई श्रद्धालु अपना संतुलन खो बैठे और एक-दूसरे के ऊपर गिर गए. इसी दौरान कुछ लोग भीड़ के नीचे दब गए. डीएम ने यह भी कहा कि मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ और गर्मी के कारण स्थिति और गंभीर हुई. फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं. घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में कराया जा रहा है.

विज्ञापन

2019 में भी हुआ था ऐसा हादसा

अशोक धाम मंदिर में भगदड़ का यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2019 में भी जलाभिषेक के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की अफवाह फैलने के बाद श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई थी. उस घटना में एक श्रद्धालु की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. उस समय भी प्रशासन ने अत्यधिक गर्मी को हादसे की प्रमुख वजहों में बताया था.

विज्ञापन

क्यों खास है अशोक धाम?

आपको बता दें कि अशोक धाम को इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. यहां स्थापित विशाल शिवलिंग की में श्रद्धालुओं की बड़ी आस्था है. मान्यता है कि वर्ष 1977 में अशोक नाम के एक चरवाहे को गिल्ली-डंडा खेलते समय शिवलिंग दिखाई दिया था. इसके बाद यहां पूजा शुरू हुई और चरवाहे के नाम पर इसका नाम अशोक धाम पड़ा. सावन में देवघर से लौटने वाले बड़ी संख्या में कांवरिया यहां दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, जिससे मंदिर परिसर में भीड़ कई गुना बढ़ जाती है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ