Indian Cricket Team: भारतीय क्रिकेट टीम इस समय खिलाड़ियों की चोटों से परेशान है. एक के बाद एक अहम खिलाड़ी चोटिल होकर मैदान से बाहर हो रहे हैं. चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती लिस्ट ने टीम मैनेजमेंट की नींद उड़ा दी है और बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) सवालों के घेरे में आ गया है. इसी बीच CoE के क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने चोटिल खिलाड़ियों को लेकर बड़ा बयान दिया है. लक्ष्मण ने सीओई का बचाव करते हुए कहा है कि यह संस्था सिर्फ चोटिल खिलाड़ियों के रिहैब सेंटर नहीं है.
‘CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है’
वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को बेंगलुरु में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम इंडिया के खिलाड़ियों की चोट, फिटनेस और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब दिए. लक्ष्मण ने कहा कि COE को केवल एक रिहैब सेंटर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसकी जिम्मेदारियां क्रिकेटरों को उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करने तक फैली हुई हैं.
लक्ष्मण ने कहा, “सीओई सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है. क्रिकेटरों को उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करने के लिए इसकी और भी बड़ी भूमिकाएं हैं.”
फिटनेस के आधार पर होता है खिलाड़ियों का चयन
हाल ही में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन भी चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं. इसको लेकर आलोचकों ने CoE की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट हुए बिना ही भारतीय टीम में चुना जा रहा है.
हालांकि, लक्ष्मण ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की फिटनेस और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया पूरी तरह उद्देश्यपूर्ण, डेटा आधारित और खिलाड़ी केंद्रित है. लक्ष्मण ने बुमराह और सुदर्शन के मामलों का उदाहरण देते हुए बताया कि दोनों खिलाड़ियों का चयन फिटनेस की शर्त के साथ किया गया था. यानी टीम में चुने जाने के समय भी यह स्पष्ट था कि उन्हें अपनी फिटनेस साबित करनी होगी.
‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए – लक्ष्मण
बढ़ती चोटों के लिए किसी एक व्यक्ति या संस्था को जिम्मेदार ठहराए जाने के सवाल पर वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि ‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल करना उचित नहीं है. उनके मुताबिक, ऐसा करने से किसी एक व्यक्ति को बलि का बकरा बनाने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. लक्ष्मण ने बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, टीम मैनेजमेंट, स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल स्टाफ तथा चयन समिति के बीच लगातार बेहतर तालमेल बना हुआ है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर सभी पक्षों के बीच नियमित और स्पष्ट बातचीत होती है.
फिटनेस स्टेटस रिपोर्ट में होती है पूरी पारदर्शिता
वीवीएस लक्ष्मण ने बताया कि खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर एक निर्धारित प्रक्रिया है. जब चयनकर्ता किसी खिलाड़ी की फिटनेस स्टेटस रिपोर्ट मांगते हैं, तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मौजूदा स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार करता है. यह रिपोर्ट चयन समिति के अध्यक्ष को भेजी जाती है और इसकी जानकारी टीम के मुख्य कोच तथा बीसीसीआई को भी दी जाती है.
लक्ष्मण के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के मामलों में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई. जब यह स्पष्ट हुआ कि दोनों खिलाड़ी आगामी टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं, तो चयन समिति और टीम मैनेजमेंट को इसकी जानकारी दे दी गई.
भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदा चोटों की लिस्ट
- हर्षित राणा – हैमस्ट्रिंग
- हार्दिक पांड्या – क्वाड्रिसेप्स में चोट/खिंचाव
- जसप्रीत बुमराह – घुटने में सूजन
- नीतीश रेड्डी – हैमस्ट्रिंग
- वॉशिंगटन सुंदर – क्वाड्रिसेप्स
- आकाश दीप – पीठ के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर
- साई सुदर्शन – पैर की उंगली में स्ट्रेस फ्रैक्चर
- शुभमन गिल – दाहिने हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर) में चोट
- वरुण चक्रवर्ती – हैमस्ट्रिंग टियर