Virender Sehwag backs Yashasvi Jaiswal: भारत के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि यशस्वी जायसवाल में तीनों इंटरनेशनल फॉर्मेट में रेगुलर खिलाड़ी बनने का टैलेंट है. हालांकि, उनका मानना है कि इस यंग बैटर का भारत की वनडे टीम में पक्की जगह बनाना ओपनिंग स्लॉट खाली होने पर डिपेंड करेगा, खासकर तब जब रोहित शर्मा आखिरकार इस फॉर्मेट से हट जाएंगे.
जायसवाल का जलवा
यशस्वी जायसवाल ने कम मौकों में ही अपनी काबिलियत साबित कर दी है. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 4 वनडे मैच खेले हैं और अपनी छाप छोड़ी है, जिसमें पिछले साल विशाखापत्तनम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाबाद शतक भी शामिल है. 121 गेंदों पर नाबाद 116 रन की उनकी पारी ने 50 ओवर के फॉर्मेट में उनकी काबीलियत को दिखाया.
फिलहाल जगह नहीं
क्रिकबज पर बात करते हुए सहवाग ने कहा, 'लेकिन अभी कोई जगह नहीं है. शुभमन गिल कप्तान हैं. रोहित शर्मा खेल रहे हैं. जैसे ही रोहित शर्मा रिटायर होंगे, आप जायसवाल को व्हाइट-बॉल और वनडे क्रिकेट खेलते हुए देखेंगे. हालांकि, ऋतुराज गायकवाड़ उनके कॉम्पिटिटर हो सकते हैं. लेकिन अगर आप 3 ओपनर चुनते हैं, तो आप निश्चित रूप से जायसवाल को उनमें देखेंगे.'
वनडे टीम से बाहर होने की वजह
वीरेंद्र सहवाग ने ये भी बताया कि यशस्वी जायसवाल को वनडे में खेलने का मौका तब मिला जब सीनियर ओपनर अवेलेबल नहीं थे, और इस युवा खिलाड़ी ने उस मौके का पूरा फायदा उठाया. 'देखिए, वो वनडे टीम में इसलिए आए क्योंकि गिल या शर्मा जैसे खिलाड़ी अवेलेबल नहीं थे. ऐसा नहीं था कि उन्हें मौका मिला और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. ऐसा नहीं था कि खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. वो टीम में इसलिए थे क्योंकि कोई और खिलाड़ी नहीं खेल रहा था.'
'तीनों फॉर्मेट के लिए परफेक्ट'
उन्होंने आगे कहा, 'ईशान किशन भी वनडे क्रिकेट का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक लगाया है. इसलिए वो भी एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर विचार किया जा सकता है. लेकिन मैं निश्चित रूप से जायसवाल को वनडे क्रिकेट और T20I में देखना चाहूंगा, यानी तीनों फॉर्मेट में. वो ऐसे खिलाड़ी हैं जो तीनों फॉर्मेट खेल सकते हैं.'
Virender Sehwag backs Yashasvi Jaiswal: भारत के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि यशस्वी जायसवाल में तीनों इंटरनेशनल फॉर्मेट में रेगुलर खिलाड़ी बनने का टैलेंट है. हालांकि, उनका मानना है कि इस यंग बैटर का भारत की वनडे टीम में पक्की जगह बनाना ओपनिंग स्लॉट खाली होने पर डिपेंड करेगा, खासकर तब जब रोहित शर्मा आखिरकार इस फॉर्मेट से हट जाएंगे.
जायसवाल का जलवा
यशस्वी जायसवाल ने कम मौकों में ही अपनी काबिलियत साबित कर दी है. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 4 वनडे मैच खेले हैं और अपनी छाप छोड़ी है, जिसमें पिछले साल विशाखापत्तनम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाबाद शतक भी शामिल है. 121 गेंदों पर नाबाद 116 रन की उनकी पारी ने 50 ओवर के फॉर्मेट में उनकी काबीलियत को दिखाया.
फिलहाल जगह नहीं
क्रिकबज पर बात करते हुए सहवाग ने कहा, ‘लेकिन अभी कोई जगह नहीं है. शुभमन गिल कप्तान हैं. रोहित शर्मा खेल रहे हैं. जैसे ही रोहित शर्मा रिटायर होंगे, आप जायसवाल को व्हाइट-बॉल और वनडे क्रिकेट खेलते हुए देखेंगे. हालांकि, ऋतुराज गायकवाड़ उनके कॉम्पिटिटर हो सकते हैं. लेकिन अगर आप 3 ओपनर चुनते हैं, तो आप निश्चित रूप से जायसवाल को उनमें देखेंगे.’
वनडे टीम से बाहर होने की वजह
वीरेंद्र सहवाग ने ये भी बताया कि यशस्वी जायसवाल को वनडे में खेलने का मौका तब मिला जब सीनियर ओपनर अवेलेबल नहीं थे, और इस युवा खिलाड़ी ने उस मौके का पूरा फायदा उठाया. ‘देखिए, वो वनडे टीम में इसलिए आए क्योंकि गिल या शर्मा जैसे खिलाड़ी अवेलेबल नहीं थे. ऐसा नहीं था कि उन्हें मौका मिला और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. ऐसा नहीं था कि खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. वो टीम में इसलिए थे क्योंकि कोई और खिलाड़ी नहीं खेल रहा था.’
‘तीनों फॉर्मेट के लिए परफेक्ट’
उन्होंने आगे कहा, ‘ईशान किशन भी वनडे क्रिकेट का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक लगाया है. इसलिए वो भी एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर विचार किया जा सकता है. लेकिन मैं निश्चित रूप से जायसवाल को वनडे क्रिकेट और T20I में देखना चाहूंगा, यानी तीनों फॉर्मेट में. वो ऐसे खिलाड़ी हैं जो तीनों फॉर्मेट खेल सकते हैं.’