---विज्ञापन---

खेल angle-right

CWG 2026: 20 साल का इंतजार खत्म! शर्मिला धनखड़ ने पैरा शॉट पुट में जीता गोल्ड, भारत का नाम किया रोशन

CWG 2026: शर्मिला धनकड़ ने भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स में 20 साल का सूखा खत्म कर दिया है. वह पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने में सफल हुई. इसके अलावा शिल्पा शायला ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया.

---विज्ञापन---

Sharmila Dhankar Wins Gold Medal: भारत की बेटी शर्मिला धनकड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया. वह भारत के लिए CWG में पहला पैरा एथलेटिक्स गोल्ड मेडल जीतने में सफल हुईं. ग्लास्गो में वुमेंस की शॉट पुट F57 प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया था. इसमें शर्मिला ने 9.81 मीटर का थ्रो किया और गोल्ड मेडल पर कब्जा करने में सफल हुईं. 20 साल के लंबे इंतजार के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में शर्मिला ने भारत के लिए आखिर पैरा एथलेटिक्स मेडल जीता.

शर्मिला धनकड़ ने जीता गोल्ड मेडल

वुमेंस शॉट पुट F57 इवेंट में 40 वर्षीय पैरा एथलेटिक्स शर्मिला धनकड़ ने कमाल कर दिया. 28 जुलाई को हुए इस इवेंट में शर्मिला ने अपनी तीसरी कोशिश में 9.81 मीटर का जोरदार थ्रो किया और वो अन्य एथलीट्स से कहीं आगे थीं. दरअसल, F57 वर्ग उन एथलीटों के लिए होता है, जिन्हें शरीर के निचले हिस्से में दिव्यांगता या अंगों की कमी होती है. शर्मिला इस जीत के साथ 20 साल बाद भारत के लिए CWG में पैरा एथलेटिक्स पदक जीतने में सफल हुई हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें:- बिंदियारानी देवी ने भारत को दिलाया छठा मेडल, महिलाओं की 58kg वेटलिफ्टिंग में जीता ब्रॉन्ज

शिल्पा शायला ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

शर्मिला धनकड़ ने गोल्ड मेडल पर कब्जा किया, वहीं इसी प्रतियोगिता में शिल्पा शायला ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया. शिल्पा का व्यक्तिगत बेस्ट थ्रो 7.26 मीटर का था. इसी के चलते वह चौथे स्थान पर रहीं, जबकि नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी को ब्रॉन्ज मेडल मिला. हालांकि, भारत की ओर से की गई अपील के बाद फैसले की दोबारा समीक्षा की गई और इयियाजी का थ्रो फाउल दिया गया. इसी के चलते शिल्पा तीसरे स्थान पर आ गईं और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिल गया.

---विज्ञापन---

भारत के लिए CWG का रहा दूसरा गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यह भारत के लिए दूसरा गोल्ड मेडल रहा. इससे पहले मीराबाई चानू ने 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में वुमेंस 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उन्होंने 190 किलोग्राम का कुल वजन उठाकर इतिहास रच दिया. वो भारत की पहली वेटलिफ्टर बनीं, जिन्होंने लगातार तीन CWG (2018, 2022 और 2026) में गोल्ड मेडल जीता.

ये भी पढ़ें:- कौन हैं कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव? छत्तीसगढ़ पुलिस का भी किया नाम रोशन

---विज्ञापन---

First published on: Jul 28, 2026 06:33 AM

End of Article

About the Author

Ujjaval Palanpure

मध्य प्रदेश के महेश्वर निवासी उज्जवल पालनपुरे पिछले 7 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि रखने वाले उज्जवल ने टेक्निकल अप्रोच और खेलों के प्रति जुनून को स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में सफलतापूर्वक बदला। क्रिकेट उनकी प्रमुख विशेषज्ञता है, वहीं कबड्डी, WWE, MMA और गेमिंग जैसे विषयों पर भी उनकी मजबूत पकड़ है। आसान भाषा में स्टोरीटेलिंग उनकी पहचान है। जुलाई 2025 से उज्जवल News24 में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे खेल जगत की बड़ी खबरों, एक्सक्लूसिव अपडेट्स और डिजिटल ऑडियंस के लिए खास कंटेंट तैयार करते हैं।

Read More

Ujjaval Palanpure

मध्य प्रदेश के महेश्वर निवासी उज्जवल पालनपुरे पिछले 7 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि रखने वाले उज्जवल ने टेक्निकल अप्रोच और खेलों के प्रति जुनून को स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में सफलतापूर्वक बदला। क्रिकेट उनकी प्रमुख विशेषज्ञता है, वहीं कबड्डी, WWE, MMA और गेमिंग जैसे विषयों पर भी उनकी मजबूत पकड़ है। आसान भाषा में स्टोरीटेलिंग उनकी पहचान है। जुलाई 2025 से उज्जवल News24 में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे खेल जगत की बड़ी खबरों, एक्सक्लूसिव अपडेट्स और डिजिटल ऑडियंस के लिए खास कंटेंट तैयार करते हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola