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कब्र में कितने साल तक रहती हैं इंसान की हड्डियां? जानिए कब पूरी तरह मिट्टी में मिल जाता है शरीर

मौत के बाद इंसान के शरीर का क्या होता है और कब्र में दफनाने के बाद हड्डियां कितने साल तक सुरक्षित रहती हैं? ये सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है. आइए जानते हैं कि विज्ञान इस बारे में क्या कहता है और किन परिस्थितियों में शरीर पूरी तरह मिट्टी में मिल जाता है.

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मौत ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच है. लेकिन मृत्यु के बाद इंसान के शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं और कब्र में दफनाने के बाद हड्डियां कितने समय तक सुरक्षित रहती हैं, ये सवाल लोगों की जिज्ञासा का विषय बना रहता है. विज्ञान के मुताबिक, शरीर के मिट्टी में मिलने की प्रक्रिया कई बातों पर निर्भर करती है. इसमें मिट्टी की क्वालिटी, तापमान, नमी, ऑक्सीजन की मौजूदगी और ताबूत का टाइप अहम भूमिका निभाते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मौत के तुरंत बाद शरीर का डिकम्पोजिशन शुरू हो जाता है. पहले शरीर के मुलायम अंग और त्वचा धीरे-धीरे सड़ने लगते हैं. कुछ महीनों से लेकर कुछ वर्षों के भीतर शरीर के अधिकांश नरम हिस्से खत्म हो जाते हैं और अंत में केवल हड्डियां बचती हैं.

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हड्डियों को खत्म होने में कितना समय लगता है?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, सामान्य हालातों में इंसान की हड्डियां पूरी तरह मिट्टी में मिलने में लगभग 50 से 80 साल तक का समय ले सकती हैं. हालांकि ये कोई तय अवधि नहीं है. अगर मिट्टी सूखी है, तापमान कम है या ऑक्सीजन की मात्रा कम है तो हड्डियां इससे भी ज्यादा समय तक सुरक्षित रह सकती हैं.
वहीं, गर्म और नम वातावरण में शरीर और हड्डियों का डिकम्पोजिशन तेजी से होता है. कई बार मिट्टी की रासायनिक संरचना भी इस प्रक्रिया को प्रभावित करती है.

किन बातों पर निर्भर करती है ये प्रक्रिया?

शरीर के डिकम्पोजिशन की स्पीड कई प्राकृतिक कारणों से प्रभावित होती है, जैसे-
-मिट्टी का टाइप और उसकी एसिडिटी
-तापमान और मौसम
-नमी का स्तर
-ऑक्सीजन की उपलब्धता
-कब्र की गहराई
-ताबूत लकड़ी का है या धातु का

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क्या हर जगह एक जैसा होता है डिकम्पोजिशन?

नहीं. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जलवायु और मिट्टी की स्थिति अलग होती है. इसी वजह से किसी जगह पर शरीर जल्दी मिट्टी में मिल जाता है, जबकि कहीं ये प्रोसेस कई दशक तक चल सकती है. ठंडे इलाकों में शरीर लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता है, जबकि गर्म और ह्युमिड इलाकों में डिकम्पोजिशन तेजी से होता है. वैज्ञानिक मानते हैं कि मृत्यु के बाद शरीर का डिकम्पोजिशन पूरी तरह नेचुरल प्रोसेस है. समय के साथ शरीर के सभी अंग और अंत में हड्डियां भी मिट्टी का हिस्सा बन जाती हैं. हालांकि ये प्रक्रिया हर व्यक्ति और हर जगह पर अलग-अलग समय ले सकती है. यही वजह है कि किसी भी कब्र में हड्डियों के पूरी तरह मिट्टी में बदलने का कोई एक निश्चित समय तय नहीं किया जा सकता. फिर भी सामान्य हालातों में ये प्रक्रिया कई दशकों तक चल सकती है.

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First published on: Jul 03, 2026 09:44 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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