ब्रह्मांड में भयानक विस्फोट की चेतावनी! धरती की ओर बढ़ रहे एस्टेरॉयड से टकराएगा स्पेसक्राफ्ट, जानें क्या है चीन का प्लान?

China Space Mission: चीन एक स्पेस मिशन पर काम कर रहा है, जिसके तहत एक स्पेसक्राफ्ट धरती की ओर बढ़ रहे एस्टेरॉयड से टकराकर उसके टुकड़े-टुकड़े कर देगा. अगर मिशन सक्सेसफुल हुआ तो धरती एक बहुत बड़े खतरनाक और विनाशकारी खतरे से बच जाएगी.

China Space Mission

Credit- News 24 GFX

अंतरिक्ष की दुनिया में हड़कंप और खलबली मचाने की तैयारी धरती पर बैठे अंतरिक्ष वैज्ञानिक कर रहे हैं. चीन के वैज्ञानिक एक अंतरिक्ष मिशन ‘प्लेनेटरी डिफेंस टेस्ट’ पर काम कर रहे हैं, जिससे अंतरिक्ष में भयानक विस्फोट होगा, जिसकी गूंज धरती तक सुनाई देगी, लेकिन अगर मिशन कामयाब हुआ तो धरती एक बहुत बड़े विनाशकारी खतरे से बच जाएगी. ऐसा ही एक मिशन DART अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA ने साल 2022 में लॉन्च किया था, जो सफल भी हुआ था.

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एस्टेरॉयड की दिशा बदलना या तोड़ना टेस्ट का मकसद

चीन ‘प्लेनेटरी डिफेंस टेस्ट’ करेगा, जिसका मकसद धरती से एस्टेरॉयड की टक्कर होने से रोकना है. चीन के वैज्ञानिक टेस्ट करके एस्टेरॉयड की दिशा को बदलना चाहते हैं और संभव हुआ तो उसके टुकड़े-टुकड़े कर उसे नष्ट कर देंगे. टेस्ट के तहत अंतरिक्ष में मंडरा रहे एस्टेरॉयड से मैक 26 यानी ध्वनि की गति से 26 गुना ज्यादा तेज रफ्तार वाले स्पेस्क्राफ्ट की टक्कर कराई जाएगी. यह मिशन नासा के डबल एस्टेरॉयड री-डायरेक्शन टेस्ट (DART) से ज्यादा एडवांस, मजबूत और कारगर होगा.

9 किलोमीटर प्रति सेकंड से की रफ्तार से होगी टक्कर

एक रिसर्च पेपर में साल 2030 में होने वाले टेस्ट का जिक्र चीन के वैज्ञानिकों ने किया. रिसर्च पेपर के अनुसार, चीन साल 2029 या 2030 में पृथ्वी से 70 लाख किलोमीटर दूर एक मंडरा रहे एस्टेरॉयड से 9 किलोमीटर प्रति सेकंड से ज्यादा की रफ्तार वाले स्पेस्क्राफ्ट की टक्कर कराएगा, जबकि नासा के DART मिशन में स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार 6.1 किलोमीटर प्रति सेकंड थी. चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) के प्लैनेटरी डिफेंस के चीफ साइंटिस्ट ली मिंगताओ मिशन को लीड कर रहे हैं.

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किस एस्टेरॉयड से और कब होगी स्पेस्क्राफ्ट की टक्कर?

रिसर्च पेपर के अनुसार, चीन के मिशन का टारगेट ‘2015 XF261’ नामक ‘नियर-अर्थ एस्टेरॉयड’ है, जिसके बारे में साल 2015 में पता चला था. इसका साइज करीब 30 मीटर है. साल 2029 या 2030 में यह एस्टेरॉयड पृथ्वी से करीब 70 लाख किलोमीटर की दूरी पर होगा. हालांकि वैज्ञानिकों को इस एस्टेरॉयड की बनावट के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन संभावना है कि यह एक ठोस चट्टान हो. चीन की योजना एक 2 स्पेसक्राफ्ट एक साथ लॉन्च करने की है, जो धरती से निकलते ही अलग हो जाएंगे.

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एक स्पेस्क्राफ्ट टकराएगा, दूसरा बदलावों को रिपोर्ट करेगा

एक स्पेसक्राफ्ट ‘इम्पैक्टर’ सीधे एस्टेरॉयड से टकराएगा. दूसरा स्पेसक्राफ्ट ऑब्जर्वर होगा, जो पहले स्पेसक्राफ्ट की एस्टेरॉयड से टक्कर से पहले, टक्कर के दौरान और उसके बाद एस्टेरॉयड की कक्षा, सतह, मलबे और अंदरूनी बनावट पर नजर रखेगा और डेटा कलेक्ट करके धरती पर बैठे वैज्ञानिकों को भेजेगा. अगर मिशन कामयाब रहा तो यह चीन का पहला ‘एंड-टू-एंड’ प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट होगा. भविष्य में धरती पर मंडरान वाले एस्टेराॅयड के खतरे को खत्म करने में कारगर साबित होगा.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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