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विराट कोहली के मोबाइल में दिखी जिन बाबा की तस्वीर, जानें उनसे जुड़ी 5 खास बातें

Virat Kohli Phone Wallpaper: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ट्रॉफी लेकर भारत लौटे टीम इंडिया के चैंपियंस में से एक सेलेब्रिटी क्रिकेटर विराट कोहली की मोबाइल की वॉलपेपर पर दिखी एक तस्वीर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि वह वॉलपेपर भारत के एक प्रसिद्ध बाबा की है। आइए जानते हैं, इस बाबा से जुड़ी 5 खास बातें।

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Virat Kohli Phone Wallpaper: यूं तो इंडिया के सेलेब्रिटी क्रिकेटर विराट कोहली से जुड़ी हर घटना मीडिया की सुर्खियां बनती है, लेकिन आज उनके लंदन रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर एक खास नजारा देखने को मिला, जो वायरल हो रही हैं। दरअसल, एयरपोर्ट पर उनके मोबाइल पर एक खास वॉलपेपर दिखाई दी, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि वह तस्वीर किसी और की नहीं बल्कि भारत के प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा की है। आइए जानते हैं, नीम करोली बाबा कौन हैं और उनके जीवन से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण बातें।

बता दें, विराट कोहली नीम करोली बाबा के प्रति गहरी आस्था रखते हैं। वे साल 2023 में नीम करोली बाबा के आश्रम पर भी जा चुके हैं। उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने इससे संबंधित फोटो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया था।

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कौन हैं नीम करोली बाबा?

नीम करोली बाबा हनुमान जी के महान भक्त थे। उन्हें भारत में अनेक हनुमान मंदिरों की स्थापना करने वाले बाबा के रूप में जाना जाता है। उनका वास्तविक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा है और उनका जन्म उत्तरप्रदेश के अकबरपुर में हुआ था। कहते हैं कि उनका विवाह 11 वर्ष की उम्र में हो गया था। लेकिन हनुमान जी के प्रति अपनी भक्ति के कारण उन्होंने घर छोड़ दिया और उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़े। नीम करोली बाबा के भक्त उनको हनुमान जी का अवतार मानते हैं।

इन नामों से जाने जाते थे बाबा

जब बाबा ने घर छोड़ दिया तो उन्होंने साधुओं की भांति पूरे उत्तर भारत की यात्रा की। उस दौरान वे कई नामों से जाने गए। भक्त उन्हें बाबा लक्ष्मण दास, हांडी वाले बाबा और तिकोनिया वाले बाबा सहित कई नामों से संबोधित करते थे। कहते हैं, उन्होंने गुजरात के ववानिया मोरबी में तपस्या की थे, तब लोग उन्हें तलईया बाबा के नाम से पुकारने लगे थे।

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ऐसे पड़ा नीम करोली बाबा नाम

नीम करोली बाबा के जीवन से जुड़ी एक घटना प्रसिद्ध है कि जब एक बार वे ट्रेन में सफर कर रहे थे तो उनके पास टिकट नहीं होने कारण टिकट चेकर (टीसी) ने उन्हें ट्रेन से नीचे उतार दिया था। ट्रेन से उतरने के बाद बाबा थोड़ी दूरी पर चिमटा धरती पर लगाकर खुद जमीन पर बैठ गए। कहते हैं, ट्रेन के ड्राईवर ने ट्रेन चलाने की बहुत कोशिश की, लेकिन ट्रेन टस से मस नहीं हुई। तब ट्रेन के पैसेंजर में से एक ने, जो बाबा को जानते थे, टिकट चेकर से कहा कि ऐसा बाबा को ट्रेन से उतारने के कारण हुआ है, उनको बाबा से माफी मांगनी चाहिए।

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तब टिकट चेकर ने बाबा से माफी मांगी और उनको सम्मान सहित ट्रेन में बैठाया। कहते हैं कि बाबा के ट्रेन में बैठने के बाद ट्रेन चल पड़ी। बताया जाता है कि यह घटना नीबकरोरी नामक जगह पर घटी थी। नीबकरोरी को नीम करोली भी कहते हैं। इस घटना के बाद बाबा नाम ‘नीम करोली बाबा’ पड़ गया और वे इसी नाम प्रसिद्ध हो गए।

कैंची धाम आश्रम की स्थापना

नीम करोली बाबा ने जिस आश्रम की स्थापना की, वह कैंची धाम के नाम से विश्व प्रसिद्ध है। यह आश्रम उत्तराखंड में नैनीताल से लगभग 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली से कैंची धाम की दूरी लगभग 338 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में लगभग 7 घंटे का समय लगता है। कहते हैं, नीम करोली बाबा 1961 में पहली बार यहां आए थे। उन्हें यह स्थान इतना पसंद आया कि उन्होंने यहां आश्रम स्थापित करने का निर्णय लिया और 1964 में यहां कैंची धाम आश्रम की स्थापना की।

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यहां पर है नीम करोली बाबा की समाधि

नीम करोली बाबा की समाधि कैंची धाम में न होकर नैनीताल के पास पंतनगर में स्थित है। कहते हैं, यहां जो भी व्यक्ति अपनी मुरादें लेकर आते हैं, वे कभी खाली हाथ नहीं लौटते हैं। बस आपकी मुराद सच्ची और अच्छी होनी चाहिए। यहां हनुमानजी की मूर्ति के साथ नीम करौली बाबा की भी एक भव्य मूर्ति स्थापित है।

आपको बता दें कि नीम करोली बाबा के प्रसिद्ध सेलेब्रिटी भक्तों की लिस्ट बहुत लंबी है। एप्पल कंपनी के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक (अब मेटा) के मालिक मार्क जुकरबर्क और हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स भी इस लिस्ट में शामिल हैं। जिसमें आप चाहें तो भारत के सुपरस्टार क्रिकेटर विराट कोहली का नाम भी जोड़ सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी विभिन मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य जानकारी पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jul 05, 2024 05:14 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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