Astro Tips: पौराणिक काल में हिंदू धर्म के लोग परंपराएं और नियमों का सख्ती से पालन करते थे। हालांकि आज भी कुछ लोग नियमित रूप से उन नियमों का पालन करते हैं। इन्हीं नियमों में से एक हैं तिलक लगाना। सनातन धर्म से जुड़े लोग आज भी माथे पर तिलक लगाते हैं। लेकिन आपको बता दें कि सिर्फ माथे पर ही तिलक नहीं लगाया जाता है। बल्कि शरीर के कई ओर अंगों पर भी तिलक लगाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा तिलक लगाते समय कुछ मंत्रों का जाप करना भी अच्छा होता है।
आइए जानते हैं धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरीर के किस अंग पर तिलक लगाना शुभ होता है और तिलक लगाते समय किन-किन मंत्रों का जाप करना चाहिए?
माथे
हिंदू शास्त्र के अनुसार, माथे पर तिलक लगाते समय ॐ श्री केशवाय नमः मंत्र का जाप करना शुभ होता है। माथे पर तिलक लगाने से दिमाग शांत रहता है।
कंठ
शास्त्र में बताया गया है कि कंठ पर तिलक लगाते समय ॐ श्री गोविंदाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे वाणी में मिठास बनी रहती है।
छाती
छाती पर तिलक लगाते समय ॐ श्री माधवाय नमः मंत्र का जाप करना शुभ होता है। शास्त्र के अनुसार, छाती पर तिलक लगाने से कुंडली में ग्रह शांत होते हैं। साथ ही व्यक्ति का मन शांत रहता है।
कमर
कमर की दाई तरफ तिलक लगाते समय ॐ श्री विष्णवे नमः मंत्र का जाप करना शुभ होता है। वहीं कमर के बाई तरफ तिलक लगाते समय ॐ श्री वामनाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।
भुजा
बांह यानी भुजा की दाई तरफ तिलक लगाते समय ॐ श्री मधुसूदनाय नमः का जाप करना शुभ होता है। वहीं जब आप भुजा के बाई तरफ तिलक लगाते हैं, तो उस समय ॐ श्री श्रीधराय नमः मंत्र का जाप करें। भुजा पर तिलक लगाने से कुंडली में शुक्र ग्रह शांत होता है।
कंधे
कंधे के दाई तरफ तिलक लगाते समय श्री त्रिविक्रमाय नमः का जाप करना चाहिए। वहीं बाएं कंधे पर तिलक लगाते समय ॐ श्री ऋषीकेशाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।
गर्दन के नीचे
अगर आप भी अपनी गर्दन के नीचे वाले भाग पर तिलक लगाते हैं, तो उस समय ॐ श्री पद्मनाभाय नमः मंत्र का जाप करें। गर्दन के नीचे तिलक लगाने से मंगल ग्रह शांत होता है।
पीठ
पीठ के नीचे वाले भाग पर तिलक लगाते समय ॐ श्री दामोदराय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।