Kaalchakra: चैत्र नवरात्रि शुरू, पंडित सुरेश पांडेय से जानें 9 दिनों का महत्व और पूजा-पाठ से जुड़े नियम
Kaalchakra Today: चैत्र नवरात्रि की 19 मार्च 2026 से शुरुआत हो गई है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा की पूजा से जुड़े नियम, महत्व और लाभ आदि के बारे में.
Kaalchakra Today 19 March 2026: सनातन धर्म के लोगों के लिए चैत्र नवरात्रि के पर्व का खास महत्व है, जिस दौरान व्रत रखने के साथ-साथ मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 19 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि थी, जिसके बाद अब प्रतिपदा तिथि चल रही है. इसी वजह से आज 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हुई है. आज नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप देवी शैलपुत्री की पूजा करने का विधान है. आज घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक है. हालांकि, नवरात्रि का समापन 9 दिन बाद 27 मार्च 2026 को होगा.
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आज 19 मार्च 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको चैत्र नवरात्रि 2026 में पूजा-पाठ से जुड़े नियमों और उपायों आदि के बारे में बताने जा रहे हैं.
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आज से हिंदू नववर्ष की भी हुई शुरुआत
आज चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हुई है. बता दें कि इस साल संवत का नाम रौद्र रहेगा, जबकि राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल रहेंगे. बृहस्पति को धर्म और समृद्धि का कारक माना जाता है, जबकि मंगल साहस और पराक्रम का प्रतीक है. बृहस्पति के कारण जहां देश की प्रगति होगी, वहीं मंगल विवाद, क्रोध और उग्रता आदि को बढ़ा सकता है. साथ ही रक्त संबंधी बीमारियों के बढ़ने का खतरा रहेगा.