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Religion

Baisakhi 2026: बैसाखी का महापर्व आज, जानें पंजाबी नववर्ष का महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

Baisakhi 2026 Today: देशभर में आज 14 अप्रैल 2026, वार मंगलवार को बैसाखी का पर्व मनाया जा रहा है, जिससे पंजाबी नववर्ष का आरंभ भी होता है. यहां पर आप बैसाखी के महत्व, तिथि, शुभ मुहूर्त और अन्य जरूरी बातों के बारे में जान पाएंगे.

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Written By: Nidhi Jain Updated: Apr 14, 2026 07:29
Baisakhi 2026
Credit- AI Gemini

Baisakhi 2026 Today: सिख समुदाय के लोगों के लिए बैसाखी का पर्व बेहद महत्वपूर्ण होता है, जिसे वो पंजाबी नववर्ष के आरंभ के रूप में मनाते हैं. प्राचीन काल में वैशाख माह में जिस तिथि पर सूर्य देव ने मेष राशि में गोचर किया था, उस दिन सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिसके बाद से हर साल इस तिथि पर बैसाखी का त्योहार मनाया जाने लगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार सूर्य देव 14 अप्रैल 2026, दिन मंगलवार को सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर मेष राशि में गोचर करेंगे, जिसकी वजह से आज यानी 14 अप्रैल को बैसाखी का पर्व मनाया जा रहा है.

चलिए अब जानते हैं बैसाखी के दिन लोग क्या करते हैं और आज पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

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आज बैसाखी की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • पुण्यकाल- सुबह 05:56 से शाम 03:55
  • अमृत काल- सुबह 08:53 से सुबह 10:29
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:56 से दोपहर 12:47
  • गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:45 से शाम 07:07
  • निशिता मुहूर्त- रात 11:59 से सुबह 12:43

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बैसाखी पर लोग क्या करते हैं?

बैसाखी के दिन गुरुद्वारों को भव्य रूप से सजाया जाता है. साथ ही कीर्तन जैसे विशेष कार्यक्रम के साथ लंगर का आयोजन किया जाता है. वहीं, लोग नए रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर गुरुद्वारे जाते हैं और वहां माथा टेककर अरदास करते हैं. इसके अलावा ढोल की थाप पर भांगड़ा व गिद्दा किया जाता है.

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बैसाखी के विभिन्न स्वरूप

बता दें कि बैसाखी का महापर्व केवल पंजाब में ही नहीं धूमधाम से मनाया जाता है, बल्कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बैसाखी को नववर्ष के रूप में मनाया जाता है, जबकि असम में रंगाली बिहू के रूप में इसे मनाने का विधान है. इसके अलावा केरल में विशु के रूप में इसे मनाया जाता है. साथ ही जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा की जाती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 14, 2026 06:37 AM

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