Mithun Sankranti 2026: सूर्य का मिथुन राशि में गोचर करना मिथुन संक्रांति कहलाता है. सूर्य ग्रह का गोचर 15 जून 2026, दिन सोमवार को दोपहर 12 बजकर 58 मिनट पर मिथुन राशि में होगा. सूर्य के मिथुन राशि में गोचर करने से इसका प्रभाव राशियों के जीवन पर देखने को मिलेगा. मिथुन संक्रांति के अवसर पर कई उपाय करना और दान करना शुभ माना जाता है. मिथुन राशि में सूर्य के प्रवेश करने पर मिथुन संक्रांति का पर्व होता है. आप मिथुन संक्रांति के अवसर पर दान-पुण्य और उपाय कर सकते हैं. आइये इनके बारे में जानते हैं.
मीठी चीजों का दान करें
मिथुन संक्रांति के शुभ अवसर पर सूर्यदेव की कृपा के लिए मीठी चीजों का दान करना चाहिए. मीठी चीजों का दान करना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. आप जरूरतमंद व्यक्ति को मीठी चीज खाने के लिए दे सकते हैं. आप किसी ब्राह्मण, बच्चे या गरीब जरूरतमंद को गुड़ चीनी का दान कर सकते हैं.
अन्न का दना करें
मिथुन संक्रांति के मौके पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करें. अन्न का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. अन्न दान से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है. इससे जीवन में अन्न और धन की कमी नहीं होती है.
जल का दान करना है श्रेष्ठ
मिथुन संक्रांति के अवसर पर जल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. इस दौरान गर्मी के मौसम में जल दान करने का महत्व होता है. प्याऊ लगाकर या रास्ते चलते लोगों को पानी पिलाकर जल दान का पुण्य कमा सकते हैं. गर्मी में जल दान करने से देवी-देवताओं और पितरों का आशीर्वाद मिलता है.
तांबे का दान करना है शुभ
तांबे का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है. मिथुन संक्रांति के अवसर पर आप तांबे का दान कर सकते हैं. तांबे का दान करना सूर्यदेव की कृपा के लिए अच्छा होता है. तांबा दान करने से मान-सम्मान मिलता है और सूर्यदेव की कृपा से सेहत अच्छी रहती है.
मौसमी फलों और शरबत का दान
इन सभी के साथ ही ठंडे शरबत और मौसमी फलों जैसे आम, तरबूज और खरबूज का दान कर सकते हैं. मिथुन संक्रांति पर मौसमी फलों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.