इतिहास के वो 4 बड़े युद्ध... जब छोटे-छोटे देशों ने चटाई दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका को धूल

दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक, बेजोड़ संसाधन और विशाल सेना - अमेरिका के पास सब कुछ है. अमेरिका अभी ईरान के साथ जंग कर रहा है. इस जंग को एक महीना पूरा हो गया. अमेरिका की ताकत के आगे ईरान हार नहीं मान रहा. ईरान भी बराबर अमेरिका को टक्कर देता दिख रहा है. इस बीच ट्रंप ने कई बार पीछे हटने के संकेत दिए हैं. यह पहला मौका नहीं है, जब अमेरिका जैसी इतनी बड़ी शक्ति किसी छोटे से देश के आगे झुक गई हो. वियतनाम के घने जंगलों से लेकर अफगानिस्तान की पथरीली वादियों तक, कई ऐसे मौके आए हैं जब कम संसाधनों वाले छोटे देशों ने अपनी रणनीति और हौसले से महाशक्ति को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया.

US Army Front (1)
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दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक, बेजोड़ संसाधन और विशाल सेना - अमेरिका के पास सब कुछ है. अमेरिका अभी ईरान के साथ जंग कर रहा है. इस जंग को एक महीना पूरा हो गया. अमेरिका की ताकत के आगे ईरान हार नहीं मान रहा. ईरान भी बराबर अमेरिका को टक्कर देता दिख रहा है. इस बीच ट्रंप ने कई बार पीछे हटने के संकेत दिए हैं. यह पहला मौका नहीं है, जब अमेरिका जैसी इतनी बड़ी शक्ति किसी छोटे से देश के आगे झुक गई हो. वियतनाम के घने जंगलों से लेकर अफगानिस्तान की पथरीली वादियों तक, कई ऐसे मौके आए हैं जब कम संसाधनों वाले छोटे देशों ने अपनी रणनीति और हौसले से महाशक्ति को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया.

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वियतनाम युद्ध

वियतनाम युद्ध2 / 6

20 साल तक चली इस जंग में अमेरिका ने आधुनिक हथियारों का अंबार लगा दिया, लेकिन वियतनामी लड़ाकों की 'गोरिल्ला वॉर' तकनीक और सुरंगों के जाल ने 58,000 अमेरिकी सैनिकों की बलि ले ली. आखिर 1975 में अमेरिका को पूरी तरह वियतनाम छोड़कर भागना पड़ा.

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अफगानिस्तान - सबसे लंबी जंग

अफगानिस्तान - सबसे लंबी जंग3 / 6

9/11 हमलों के बाद 2001 में शुरू हुआ यह युद्ध दो दशकों तक चला. अरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी अमेरिका अफगानिस्तान में स्थिरता नहीं ला सका और 2021 में सेना की वापसी के कुछ ही दिनों भीतर तालिबान ने दोबारा सत्ता पर कब्जा कर लिया.

सोमालिया - ब्लैक हॉक डाउन

सोमालिया - ब्लैक हॉक डाउन4 / 6

1990 के दशक में सोमालिया में गृह युद्ध छिड़ गया था. अमेरिकी सेना ने वहां मानवीय मिशन पर एंट्री मारी. वहां, मोगादिशु की लड़ाई में अमेरिकी सेना फंस गई. इसके बाद सोमाली लड़ाकों ने अमेरिका के 'ब्लैक हॉक' हेलीकॉप्टर गिरा दिए. फिर भीषण जंग शुरू हो गई, जिसमें अमेरिकी सेना के कई सैनिक मारे गए. इसके बाद उपजे जनाक्रोश की वजह से अमेरिका को सेना वापसी के लिए मजबूर होना पड़ा.

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लाओस - गुप्त युद्ध

लाओस - गुप्त युद्ध5 / 6

लाओस में कम्युनिस्ट संगठन पाथेट लाओ को सत्ता पर कब्जा करना चाहता था. लेकिन अमेरिका को यह बिल्कुल मंजूर नहीं था. इसलिए अमेरिका ने लाओस में कई जगह बमबारी की. अमेरिका वहां सीक्रेट ऑपरेशन चला रहा था. यह ऑपरेशन कई वर्षों तक चला. लेकिन अमेरिका फिर भी पाथेट लाओ को रोक नहीं पाया और अमेरिका को हार का सामना करना पड़ा.

ईरान से कड़ी टक्कर

ईरान से कड़ी टक्कर6 / 6

ईरान के साथ जारी जंग को एक महीने से अधिक समय हो चुका है. ईरान अभी भी अमेरिका के सामने झुकते हुए नहीं दिख रहा है. अमेरिका ने बेशक ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं समेत अहम ठिकानों को तबाह कर दिया हो, लेकिन तेहरान अभी भी अमेरिका की शर्तें मानने से इनकार कर रहा है. कड़ी टक्कर मिलते देख इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर के कई संकेत दिए हैं.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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