Baba Vanga के नाम में 'बाबा' का असली मतलब क्या है? सच कर देगा हैरान

बाबा वेंगा का नाम केवल एक पहचान नहीं, बल्कि उनके प्रति लोगों के अगाध विश्वास और सम्मान का प्रतीक है. दुनिया की बड़ी घटनाओं या भविष्यवाणियों की बात हो तो बुल्गारिया की इस रहस्यमयी महिला का नाम सामने आता है. याद रखिएगा कि यह 'बाबा' किसी समुदाय का नहीं, बल्कि उस 'बुजुर्ग दादी' का प्रतीक है जिसकी बातों ने दुनिया को दशकों तक अचंभित रखा.

BABA VANGA.jpg
1 / 6

बाबा वेंगा को दुनिया भर में 'बाल्कन की नॉस्ट्राडेमस' कहा जाता है. जब भी दुनिया की बड़ी घटनाओं या भविष्यवाणियों की बात होती है, तो बाबा वेंगा का नाम सबसे पहले आता है. उनकी भविष्यवाणियां सोशल मीडिया पर ट्रेंड करती रहती हैं, 9/11 हमले से लेकर सुनामी और हालिया युद्धों तक, उनकी कई बातें सच साबित होने का दावा किया जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बुल्गारिया की इस रहस्यमयी महिला के नाम के आगे 'बाबा' क्यों लगा है? बहुत कम लोग जानते हैं कि बाबा वेंगा एक महिला थीं और इससे भी कम लोग जानते हैं कि उनके नाम में लगा 'बाबा' हिंदी के 'बाबा' से बिल्कुल अलग है.

विज्ञापन

नाम के पीछे का असली अर्थ

नाम के पीछे का असली अर्थ2 / 6

आमतौर पर भारत में 'बाबा' शब्द का इस्तेमाल संतों, बुजुर्गों या पिता के लिए किया जाता है, लेकिन बाबा वेंगा के संदर्भ में इसका अर्थ थोड़ा अलग और उनके देश की संस्कृति से जुड़ा है. बाबा वेंगा का असली नाम वेंगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा था. स्लाविक और बुल्गारियाई भाषाओं में 'बाबा' का अर्थ 'दादी' या 'बुजुर्ग महिला' होता है. जिस तरह हम बुजुर्ग महिला को 'दादी' या 'नानी' कहते हैं, उनके अनुयायी उन्हें 'बाबा' कहते थे.

विज्ञापन

कैसे बनीं वेंगेलिया से बाबा वेंगा?

कैसे बनीं वेंगेलिया से बाबा वेंगा?3 / 6

बाबा वेंगा के जीवन की कहानी भी उनके नाम जितनी ही रहस्यमयी है. 12 साल की उम्र में एक भीषण तूफान में उन्होंने अपनी आँखों की रोशनी खो दी थी. कहा जाता है कि इसी घटना के बाद उनमें भविष्य देखने की अद्भुत शक्ति आई. जैसे-जैसे उनकी भविष्यवाणियां सच होने लगीं, दूर-दूर से लोग उनके पास सलाह लेने आने लगे और वे एक वैश्विक पहचान बन गईं.

मुख्य भविष्यवाणियां जो सच हुईं

मुख्य भविष्यवाणियां जो सच हुईं4 / 6

बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, लेकिन उन्हें मानने वाले उनकी बातों को गंभीरता से लेते हैं. उनके मुताबिक बाबा वेंगा की सच हुई भविष्यवाणियों में 1989 में बर्लिन दीवार का गिरना, 2004 में हिंद महासागर की सुनामी, 2016 में ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने और 2020 की कोरोना महामारी को मानते हैं.

विज्ञापन

2026 और अगली भविष्यवाणियां

2026 और अगली भविष्यवाणियां5 / 6

बाबा वेंगा की अगली भविष्यवाणियों में 2025 में दुनिया के अंत की शुरुआत, लेकिन पूरी तबाही 5079 तक होगी. 2033 में ध्रुवीय बर्फ के पिघलने से समुद्र का स्तर तेजी से बढ़ेगा. 2043 तक यूरोप में मुस्लिम शासन प्रमुख होगा. इसके बाद विश्व अर्थव्यवस्था पर मुस्लिम शासकों का प्रभाव बढ़ेगा. 2046 में कृत्रिम अंगों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा, जिससे अंगों का प्रत्यारोपण आसान हो जाएगा. 2076 में दुनिया भर में कम्युनिस्ट शासन की वापसी होगी.

कथित भविष्यवाणियां फिर से वायरल

कथित भविष्यवाणियां फिर से वायरल6 / 6

हाल ही में सोशल मीडिया पर उनकी 2026 की कथित भविष्यवाणियां फिर से वायरल हो रही हैं. हालांकि उनके नाम पर चल रहे कई दावों का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, लेकिन उनके नाम के पीछे छिपा यह छोटा सा रहस्य बताता है कि वे अपने समाज में एक 'मात्र-शक्ति' के रूप में कितनी सम्मानित थीं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन