रेलवे कर्मचारियों को भी इन ट्रेनों में नहीं मिलती मुफ्त यात्रा की सुविधा, नियम तोड़ने पर तुरंत उतार देते हैं अधिकारी
अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि रेल से जुड़े कर्मचारियों को जो यात्रा पास दिया जाता है, वह क्या उसकी मदद से किसी भी ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं?

आपने कई बार सुना होगा कि रेल कर्मचारी के पास एक खास पास होता है, जिसकी मदद से वह आसानी से किसी भी ट्रेन में यात्रा कर सकता है. क्या है पूरा नियम और किन ट्रेनों ये पास काम नहीं करता, आइए जानते हैं इस स्टोरी में.
रेलवे कर्मचारियों की फ्री यात्रा को लेकर गलतफहमी
2 / 7अक्सर लोगों का मानना है कि रेलवे कर्मचारी देश की हर ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर सकते हैं. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. रेलवे के नियमों के अनुसार, मुफ्त यात्रा की सुविधा सिर्फ तय शर्तों और निर्धारित ट्रेनों में ही दी जाती है.
इन प्रीमियम ट्रेनों में मान्य है रेलवे पास
3 / 7रेलवे कर्मचारियों को वंदे भारत एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस जैसी कई प्रीमियम ट्रेनों में पात्रता के अनुसार पास का लाभ मिल सकता है. यात्रा की श्रेणी कर्मचारी के पे-लेवल पर निर्भर करती है.
इन ट्रेनों में नहीं चलता रेलवे पास
4 / 7महाराजा एक्सप्रेस, पैलेस ऑन व्हील्स और अन्य आईआरसीटीसी या राज्य पर्यटन निगमों द्वारा चलाई जाने वाली लक्जरी ट्रेनों में रेलवे पास मान्य नहीं होता. इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए कर्मचारियों को भी सामान्य यात्रियों की तरह पूरा टिकट खरीदना पड़ता है, जोकि आम ट्रेनों के मुकाबले कई गुना महंगा होता है.
क्या रेलवे पास से कितनी भी फ्री यात्रा कर सकते हैं?
5 / 7रेलवे कर्मचारियों को सीमित संख्या में ही प्रिविलेज पास दिए जाते हैं. पास की संख्या उनकी सेवा अवधि, पद और पे-लेवल के आधार पर तय होती है. इसलिए हर समय और हर यात्रा के लिए मुफ्त सफर की सुविधा उपलब्ध नहीं होती.
पीटीओ सुविधा में भी देना पड़ता है किराया
6 / 7रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाले प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) के तहत भी यात्रा पूरी तरह मुफ्त नहीं होती. बल्कि इस सुविधा का इस्तेमाल करने पर कर्मचारी को निर्धारित किराये का लगभग एक-तिहाई हिस्से का भुगतान करना पड़ता है.
यात्रा से पहले नियम जानना है सबसे जरूरी
7 / 7अगर कोई यह मानता है कि रेलवे कर्मचारी हर ट्रेन में बिना टिकट सफर कर सकते हैं, तो यह सही नहीं है. यात्रा की सुविधा सिर्फ रेलवे के तय नियमों और पात्रता के अनुसार मिलती है. नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई भी की जा सकती है, जिसमें फाइन का प्रावधान शामिल है. यह भी पढ़ें:क्या भारत का युवा रह जाएगा कुंवारा? दुल्हन के इंतजार में बढ़ रही उम्र, जानिए किस राज्य में सबसे