धरती की सबसे सुनसान जगह, जो जमीन से है 2000+ Km दूर; कहलाती है सैटेलाइट्स का कब्रिस्तान
क्या आप जानते हैं धरती पर एक ऐसी जगह है, जो जमीन से हजारों किलोमीटर दूर है, लेकिन अंतरिक्ष में मौजूद स्पेस स्टेशन के काफी नजदीक है और साथ ही, यह जगह सैटेलाइट्स का कब्रिस्तान भी कहलाती है. आइए जानते हैं इसके बारे में.

धरती पर एक ऐसी जगह भी है, जहां चारों तरफ सिर्फ समुद्र दिखाई देता है और सबसे नजदीक जमीन करीब 2,688 किलोमीटर दूर है. इतना ही नहीं यहां पानी में हर तरफ सैटेलाइट्स के पार्ट्स बिखरे हुए हैं.
1992 में खोजा गया था यह अनोखा स्थान
2 / 8पॉइंट निमो दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित है और इसे 1992 में सर्वे इंजीनियर ह्रवोये लुकाटेला ने कंप्यूटर आधारित गणना से खोजा था. यह जगह दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच स्थित है. यहां किसी भी देश का अधिकार नहीं है.
यहां इंसान का अता-पता नहीं
3 / 8पॉइंट निमो के आसपास कोई आबादी नहीं रहती और नजदीकी छोटे जमीन या द्वीप भी हजारों किलोमीटर दूर हैं. साथ ही, कोई भी जहाज यहां से नहीं गुजरता है, इसलिए यह इलाका दुनिया के सबसे अलग-थलग क्षेत्रों में गिना जाता है.
जमीन से ज्यादा करीब स्पेस स्टेशन
4 / 8मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जगह की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन इसके ऊपर से गुजरता है, तब उसमें मौजूद अंतरिक्ष यात्री जमीन पर मौजूद लोगों की तुलना में पॉइंट निमो के ज्यादा करीब होते हैं.
अंतरिक्ष के कबाड़ का बना है कब्रिस्तान
5 / 8पॉइंट निमो के आसपास का समुद्री क्षेत्र पुराने अंतरिक्ष यानों और सैटेलाइट्स की वापसी के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसकी बेहद दूर स्थिति के कारण गिरने वाले मलबे से लोगों और आबादी को खतरा कम रहता है और स्पेस मिशन भी ठीक से हो पाता है.
कई बड़े अंतरिक्ष यान यहीं किए गए खत्म
6 / 8दशकों में कई निष्क्रिय अंतरिक्ष यान और स्पेस स्टेशन के हिस्सों को इस इलाके में गिराया गया है. रूसी मीर स्पेस स्टेशन और कई सैल्यूट स्टेशनों के पार्ट्स भी इसी क्षेत्र गिराए गए हैं.
1997 की रहस्यमयी ब्लूप आवाज ने डराया
7 / 8साल 1997 में एक अजीब घटना घटी, समुद्र के भीतर से एक अजीब और बेहद तेज आवाज रिकॉर्ड हुई, जिस ने वैज्ञानिकों को लंबे समय तक उलझाए रखा. इसे 'द ब्लूप' नाम दिया गया और शुरुआत में इसकी वजह को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गईं, लेकिन रहस्य बाद में सुलझ गया.
क्या किसी मॉन्स्टर की थी आवाज
8 / 8NOAA के अनुसार 'ब्लूप' किसी समुद्री राक्षस की आवाज नहीं थी. वैज्ञानिकों ने पाया कि यह तेज आवाज बड़े हिमखंडों (बर्फ के टूटने) में दरार पड़ने और उनके टूटने से पैदा होने वाली प्राकृतिक आवाज थी, जिसे समुद्र के भीतर दूर तक रिकॉर्ड किया गया था. (Image: Pexels) यह भी पढ़ें: दिल्ली में बच्चों का वीकेंड बनाएं खास, इन 5 म्यूजियम में फन के साथ बढ़ेगी उनकी नॉलेज



















